पोप बेनेडिक्ट की ब्रिटेन यात्रा

पोप बेनेडिक्ट की ब्रिटेन यात्रा

रोमन कैथलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप बेनेडिक्ट 16वें ब्रिटेन की चार दिवसीय यात्रा पर ऐडिन्बरा पहुंचे जहां ब्रिटेन की महारानी ऐलिज़ाबेथ द्वितीय ने उनका स्वागत किया.

कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद दसियों हज़ार लोग उनके स्वागत के लिए ऐडिन्बरा की सड़कों के दोनों ओर खड़े थे.

इससे पहले पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1982 में ब्रिटेन की यात्रा की थी. इसे राजकीय यात्रा कहा जा रहा है क्योंकि वो महारानी ऐलिज़ाबेथ के निमंत्रण पर ब्रिटेन आए हैं.

पोप के विशेष विमान में उनके साथ वैटिकन के कोई 30 वरिष्ठ अधिकारी और अनेक पत्रकार भी आए हैं.

पोप के स्वागत के लिए महारानी के पति ड्यूक ऑफ़ ऐडिन्बरा, कई कैथलिक नेता और सरकार के प्रतिनिधि लॉर्ड पैटन हवाई पट्टी पर उपस्थित थे.

जब उनका काफ़िला 'हॉलीरूड हाउस' पहुंचा तो महारानी और पोप ने एक दूसरे को उपहार भेंट किए और फिर बाहर जमा लोगों को संबोधित किया.

महारानी ने कहा कि पोप की इस यात्रा से कैथलिक धर्म और चर्च ऑफ़ इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच संबंध प्रगाढ़ करने में मदद मिलेगी.

उन्होने कहा कि दुनिया के सबसे निर्धन और निर्बल लोगों की मदद करने में कैथलिक चर्च का भारी योगदान रहा है.

बाल यौन शोषण विवाद

पोप की ये यात्रा ऐसे समय हो रही है जब कैथलिक चर्च में बच्चों के यौन शोषण के कई मामले सामने आ चुके हैं और कई पादरियों को जेल की सज़ा भी हुई है.

पोप बेनेडिक्ट इस मामले में पीड़ितों से माफ़ी भी मांग चुके हैं.

उड़ान के दौरान बीबीसी के एक संवाददाता के सवाल के जवाब में पोप ने कहा कि इस कांड से उन्हे व्यक्तिगत रूप से बड़ा आघात लगा था.

उन्होने कहा कि वो पीड़ितों को माली, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मदद देना चाहते हैं और अन्य बच्चों को ख़तरनाक पादरियों से बचाना चाहते हैं.

उन्होने ख़ुद से ये सवाल किया कि जिन पादरियों को सालों तक एक अच्छा पादरी बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है तो वो इतना कैसे गिर सकता है.

पोप का कहना है कि चर्च को पश्चाताप करना चाहिए और नम्रता दिखानी चाहिए.

उन्होने इस समस्या से निपटने के लिए कड़े क़दम उठाने पर इंग्लैंड के बिशपों की तारीफ़ की.

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हे डर था कि इस विवाद के कारण उन्हे विरोध का सामना करना पड़ सकता है तो उन्होने कहा कि इससे पहले वो फ़्रांस और चेक रिपब्लिक की यात्रा कर चुके हैं जहां पादरियों के ख़िलाफ़ काफ़ी रोष है लेकिन उनका भावपूर्ण स्वागत हुआ.

पोप ने पत्रकारों से कहा कि ब्रिटेन में 'कैथलिक धर्म के विरोध का इतिहास' रहा है लेकिन साथ ही 'सहिष्णुता का इतिहास' भी है.

बृहस्पतिवार की शाम को पोप ग्लासगो में खुले आसमान के नीचे धार्मिक सभा को संबोधित करेंगे.

उसके बाद वो विमान से लंदन जाएंगे जहां वो धार्मिक और राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे और प्रार्थना सभाएं करेंगे.

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