सीएजी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं : मोइली
नई दिल्ली, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने सोमवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के प्रदर्शन पर असंतोष जाहिर किया। मोइली ने कहा कि यदि घोटालों की योजना तैयार किए जाते समय और उन्हें अंजाम दिए जाते समय ही उन पर तत्काल ध्यान दिया जाए तो भ्रष्टाचारों पर बीच में ही लगाम लगाया जा सकता है।
केंद्रीय सूचना आयोग की ओर से सूचना का अधिकार पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मोइली ने कहा, "पोस्टमार्टम करना तो ठीक है, लेकिन उसे तभी किया जा सकता है, जब रोगी मर गया हो। स्कैंडल और घोटालों के बारे में तभी पता हो जाना चाहिए जब उनकी योजना बनाई जा रही हो और उन्हें अंजाम दिया जा रहा हो। यदि लेखा परीक्षण के जरिए घोटालों पर पहले ही ध्यान दिया जाए तो उन्हें मध्य मार्ग में ही रोका जा सकता है।"
मोइली ने कहा कि सीएजी अपने खुद के वैचारिक ढांचे में ही प्रदर्शन कर पाने में विफल साबित हुआ है।
मोइली ने कहा कि सीएजी की संरचना भ्रष्टाचार को रोकने के लिहाज से की गई थी। उन्होंने कहा, "संविधान तैयार करने वालों ने जिस मकसद के लिए सीएजी की संरचना की थी, वह उसे पूरा नहीं कर पाया।"
मोइली ने कहा कि सीएजी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसमें बदलाव की जरूरत है।
मोइली ने कहा, "ब्रिटेन और जापान जैसे देशों ने अपने लेखा परीक्षण के नियमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसमें कई बदलाव किए हैं। हमें हर हाल में उनसे सीख लेनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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