आत्महत्याएं रोकने में मददगार हो सकता है एक्यूपंचर
'नैनजिंग युनीवर्सिटी ऑफ चाइनीज मेडीसिन' के 'इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी' के डू वेंडांग का कहना है कि 1985 से विश्वविद्यालय में छात्रों की मानसिक हालत से निबटने के लिए एक्यूपंचर का इस्तेमाल किया जा रहा है और तब से यहां आत्महत्या का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
सिन्हुआ के मुताबिक एक्यूपंचर के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार मानसिक विसंगतियों को मानसिक और शारीरिक इलाज से दूर किया जा सकता है।
वेंडांग की छात्रा चेन किंग को अतिसार की परेशानी थी और वह बहुत जल्दी उत्तेजित हो जाती थी। उसकी अक्सर अपने सहपाठियों से लड़ाई हो जाती थी। उससे बात करने के बाद वेंडांग को लगा कि वह पढ़ाई के दबाव के कारण अवसादग्रस्त है। वह अक्सर वेंडांग से कहती थी कि वह आत्महत्या करना चाहती है।
जांच में पाया गया कि मनोवैज्ञानिक परेशानी के चलते उन्हें अतिसार की बीमारी है और उनके लीवर की अतिसक्रियता के चलते वह बहुत जल्दी उत्तेजित हो जाती हैं।
एक्यूपंचर और मसाज चिकित्सा देने के बाद चेन का अवसाद कम हो गया।
वेंडांग का कहना कि इस पद्धति से 1985 से लेकर अब तक 160 से ज्यादा आत्महत्याओं को रोकने में मदद मिली है और विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा केंद्र ने करीब 80,000 लोगों को इससे संबंधित मशविरा दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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