दिल्ली में मंगलवार को ऑटो चालकों की हड़ताल
'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तिपहिया चालक यूनियन' के महासचिव एम. एस. मंसूरी ने कहा, "ऑटो रिक्शा चालकों के लिए करीब 10 साल पहले अस्थायी बैज जारी किए गए थे और दो दिन की कक्षा चली थी। उसके लिए हमें 400 रुपये अदा करने पड़े थे। सरकार ने वादा किया था कि इसे बदलकर स्थायी बैज दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "अब सरकार उसके लिए फिर से 600 रुपये देने और दोबारा परीक्षा देने के लिए कह रही है।" मंसूरी ने कहा, " हम बार-बार पैसे क्यों दें। क्या इस प्रक्रिया को और नियोजित तरीके से नहीं निपटाया जा सकता है। हम इस तरह से बेवजह पैसे नहीं दे सकते हैं।"
ऑटो रिक्शा चालकों ने कहा कि सरकार मनमाने ढंग से कानून बना रही है और बिना उनसे सलाह लिए उसे लागू कर रही है। मंसूरी ने कहा, "परिवहन विभाग वातानुकूलित कमरे में बैठकर नीतियां तैयार करता है और हमें नजर अंदाज किया जाता है। ऑटो रिक्शा चालकों को अपने वाहनों के हालत का प्रमाण पत्र से लेकर स्मार्ट कार्ड लेने तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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