राष्ट्रमंडल खेलों में युवा करें सकारात्मक भागीदारी : शीला
नई दिल्ली, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शुक्रवार को कहा कि स्कूली बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना राष्ट्रमंडल खेल के किसी भी कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया जा सकता, इसलिए बच्चे और युवा आगे आएं और उत्साह दिखाएं।
दीक्षित ने राष्ट्रमंडल खेल-2010 आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के साथ मिलकर चाणक्यपुरी स्थित संस्कृति स्कूल में स्कूली बच्चों के लिए 'शेरा मेरा दोस्त' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम को विभिन्न स्कूल प्राधानाचार्यो द्वारा तैयार किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग, राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति और संस्कृति स्कूल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
दीक्षित ने कहा कि शेरा मेरा दोस्त कार्यक्रम इसलिए तैयार किया गया है कि स्कूली बच्चे राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में जान सकें। उन्होंने खेलों को सफल बनाने के लिए पांच मंत्र भी दिए- निगरानी के लिए आगे आएं, खेलने के लिए आगे आएं, मुस्कराते हुए आगे आएं, आनंद उठाने के लिए आगे आएं और स्वागत के लिए आगे आएं।
कलमाड़ी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से देश में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा, जबकि यहां ज्यादातर क्रिकेट खेल ही सुर्खियों में बना रहता है। उन्होंने कहा कि सभी खेलों से जुड़ी सभी परियोजनाओं को लगभग पूरा कर लिया गया है और हम राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन के लिए तैयार हैं।
कला एवं संस्कृति विभाग की प्रधान सचिव रीना रे ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद खेलों को स्टेडियम से स्कूलों तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर दिल्ली की स्वास्थ्य मंत्री प्रो. किरण वालिया, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह और अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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