विधानसभा अध्यक्ष के कार्य में हस्तक्षेप से अदालत का इंकार
न्यायाधीश ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से कांग्रेस में शामिल हुए संसदीय सचिव गिर्राजसिंह मलिंगा के दलबदल का मामला विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित रहने पर अदालत के हस्तक्षेप के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायाधीश शर्मा की एकलपीठ ने बाड़ी के पूर्व विधायक जसवत सिंह की इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय तब तक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकलाप में हस्तक्षेप नहीं कर सकता जब तक न्यायहित में यह अति आवश्यक न हो।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद एक संवैधानिक पद है, इसलिए उसके कार्य में दूसरे संवैधानिक अंग को तब तक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक बहुत जरूरी न हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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