भारत ने गिलगित मुद्दे पर चीन से चिंता जताई
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार चीन में भारत के राजदूत एस. जयशंकर ने बीजिंग में शुक्रवार को चीन के विदेश मामलों के उपमंत्री झांग झिजुन से मिले और उन्हें गिलगित-बाल्तिस्तान में चीनी सेना की मौजूदगी पर नई दिल्ली की चिंता से अवगत कराया।
सूत्रों ने बताया कि जयशंकर ने पाकिस्तान अधिशासित कश्मीर में बांध एवं अन्य ढांचागत परियोजनाओं के निर्माण की चीन की योजना पर भी चिंता जताई।
जयशंकर नई दिल्ली में मंगलवार को सुरक्षा मामले पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं उनके वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विमर्श लिए आए थे और उसके बाद गुरुवार को वह बीजिंग लौट आए।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत-चीन संबंधों की समीक्षा की गई तथा चीन की ओर से किए जा रहे आक्रामक दिखावे पर नई दिल्ली के रुख तथा भारत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय एकता के लिहाज से इस गंभीर मसले के हल के लिए सुझाए गए विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।
उल्लेखनीय है कि न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी) में आई खबर में दावा किया गया था कि पाकिस्तान अधिशासित कश्मीर के गिलगित-बाल्तिस्तान क्षेत्र में लगभग 11,000 चीनी सेना मौजूद है, जिसका बुधवार की देर रात चीन ने यह कहते हुए खंडन किया कि भारत के साथ रिश्तों में दरार पैदा करने के लिए यह मनगढंत कहानी रची गई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने संक्षिप्त बयान में कहा, "हमें विश्वास है कि चीन-पाकिस्तान या चीन-भारत के रिश्तों में दरार पैदा करने के लिए कुछ लोगों ने यह मनगढ़ंत कहानी रची है, जिसमें वे असफल रहेंगे।"
भारत को हालांकि एनवाईटी की इस रिपोर्ट की सत्यता की जांच के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। इससे पहले सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को चीन द्वारा वीजा नहीं दिए से उत्पन्न तनाव के बीच भारत ने बीजिंग को अपनी चिंता से अवगत करा दिया है। सैन्य अधिकारी को इस आधार पर वीजा नहीं दिया गया कि जम्मू एवं कश्मीर की कमान उनके पास है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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