राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (लीड-1)

इससे पहले अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने शोरगुल और हंगामे बीच राजस्थान पंचायती राज संशोधन विधेयक 2010 तथा राजस्थान पंचायती राज द्वितीय संशोधन विधेयक 2010 को पारित करा दिया। बाद में सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले जैसे ही सदन की कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई, सरपंचों के आंदोलन के समर्थन में सक्रिय भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़, ओम बिड़ला, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक पवन दुग्गल, अमराराम और दौसा के सांसद किरोड़ीलाल मीणा की गिरफ्तारी के विरोध में विपक्षी सदस्यों ने सदन में जम कर हंगामा किया। लगभग 13 मिनट तक चले हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

लगभग 45 मिनट बाद सदन की कार्यवाही जब 12 बजे फिर शुरू हुई, तो भाजपा के उपनेता घनश्याम तिवाड़ी ने विधायकों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाना चाहा। लेकिन अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने शोकाभिव्यक्ति पढ़नी शुरू कर दी। स्वतंत्रता सेनानी नगेन्द्र बाला को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद तिवाड़ी ने विधायकों की गिरफ्तारी का मुद्दा फिर उठाया।

तिवाड़ी ने चार विपक्षी विधायकों- भाजपा के सचेतक राजेन्द्र राठौड़, ओम बिड़ला तथा माकपा के अमराराम और पवन दुग्गल - तथा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया और उसे अवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई आपातकाल की याद दिलाती है।

तिवाड़ी के साथ ही विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी बोलना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए। शोरगुल में ही अध्यक्ष ने दो प्रश्नों को पूछे जाने की कार्यवाही संचालित की।

गौरतलब है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना में ठेका प्रथा समाप्त करने और अपने वित्तीय अधिकार को बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत सरपंचों पर बुधवार को लाठीचार्ज किया गया था।

लाठीचार्ज के विरोध में सरपंचों ने आज विधानसभा की ओर कूच करने का एलान किया था। इसके मद्देनजर पुलिस ने गुरुवार देर रात सचिवालय के पास उद्योग मैदान में डेरा जमाए सरपंचों को गिरफ्तार कर लिया था। सरपंचों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे विपक्ष के चार विधायकों और एक निर्दलीय विधायक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी की कार्रवाई शुक्रवार तड़के तक जारी रही।

राज्य के गृह मंत्री शांति धारीवाल ने पत्रकारों से कहा कि चार विधायकों और एक सांसद को उत्तेजक भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके भाषणों का विश्लेषण करने के बाद ही उनकी रिहाई पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कल रात से आज सुबह तक 205 प्रदर्शनकारियों और चार विधायकों तथा एक सांसद को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि विधायकों की गिरफ्तारी की सूचना सुबह सात बजे विधानसभा अध्यक्ष को दे दी गई थी।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विधायकों की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीकों के बजाय तानाशाही पर उतर आई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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