2 साल के बच्चे ने छोड़ी धूम्रपान की लत
बाल संरक्षण अधिकारियों ने एल्डी रिजाल को चिकित्सा के लिए पुनर्वास केंद्र भेजा था। तीन महीने के इलाज के बाद उसने अपनी यह लत छोड़ दी। अब वह किसी भी अन्य सामान्य बच्चे की तरह खेलता-कूदता है।
समाचार पत्र 'द सन' के मुताबिक पुनर्वास केंद्र में एल्डी अपनी अंतिम सिगरेट खत्म होने के बाद रोने लगता था और दीवारों में अपना सिर मारना शुरू कर देता था लेकिन उसे ऐसी ही स्थिति में छोड़ दिया जाता था।
एल्डी के स्वास्थ्य पर धूम्रपान के दुष्प्रभाव दिखने लगे थे, उसके ह्रदय में धुएं की एक मोटी पर्त जम गई थी। वह अक्सर उदासीन दिखाई देने लगा था।
एल्डी जब 11 महीने का था तब उसके पिता ने एक सिगरेट उसके मुंह से लगा दी थी, तभी से उसने धूम्रपान शुरू कर दिया था।
एल्डी के माता-पिता अपने बेटे के प्रतिदिन के दो डिब्बी सिगरेट के खर्च नहीं उठा सकते थे और वे उसे इस लत से बाहर निकालने में मदद चाहते थे।
अब उसकी मां का कहना है कि जो पैसा एल्डी की सिगरेट में चला जाता था अब उसकी अन्य जरूरतों में इस्तेमाल हो सकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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