हिमाचल उच्च न्यायालय ने वीरभद्र की याचिका खारिज की
न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने 20 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने उनको फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है।
वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह पर राज्य पुलिस ने तीन अगस्त 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
वीरभद्र सिंह के खिलाफ वर्ष 1989 में राज्य का मुख्यमंत्री रहने के दौरान पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया।
पुलिस के अनुसार वीरभद्र सिंह के राजनीतिक सहयोगी विजय सिंह मनकोटिया द्वारा वर्ष 2007 में जारी एक सीडी के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सीडी में कथित तौर पर वीरभद्र सिंह को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी महिंदर लाल से धन के लेन-देन की चर्चा को रिकार्ड किया गया।
वीरभद्र सिंह के वकील ने कहा कि मामला एक सीडी के आधार पर दर्ज किया गया जिसका स्रोत ज्ञात नहीं है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने अपनी रिपोर्ट आठ अगस्त 2008 को सौंप दी थी लेकिन मामला एक साल बाद दर्ज किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications