बिहार मुठभेड़ में थाना प्रभारी सहित 10 जवान शहीद (लीड-2)
घटना के बाद पुलिस एसोसिएशन के लोगों द्वारा लखीसराय जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ दुर्व्यवहार करने का भी समचार मिला है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 10 जवान शहीद हो गए। उन्होंने बताया कि सभी 10 शवों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। घटनास्थल का पुलिस एसोसिएशन के नेताओं ने भी दौरा किया। इस दौरान एसोसिएशन के लोगों ने लखीसराय के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के साथ दुर्व्यवहार किया। एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस अधीक्षक के कारण ही आज इतने पुलिसकर्मियों को हमें खोना पड़ा।
इसके पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नीलमणि ने सोमवार को बताया कि मुठभेड़ में कवैया थाना के प्रभारी बी़ पी़ यादव सहित पुलिस के सात जवानों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों में छह बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) के जवान हैं।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर विशेष तलाशी अभियान चलाया जा रहा है जिसमें हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है। इस अभियान में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) तथा बीएमपी के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) भी पहुंच गए हैं।
इस बीच मुठभेड़ में घायल जवानों का हालचाल जानने सोमवार को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मृतक के परिजनों को सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपया मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस जवानों को जो खास तरह का बीमा करवाया जाता है उसके तहत करीब 13 लाख रुपये मिलेगा।
उन्होंने कहा कि घायलों को भी सरकार की ओर से 50 हजार रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी तथा इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच करवायी जा रही है तथा घटनास्थल पर राज्य के डीजीपी को भी भेजा गया है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव समेत राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले पर विचार विमर्श किया।
राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में सात जवान घायल हो गए हैं जिन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में रविवार को नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच सात घंटे तक मुठभेड़ हुई थी। मुंगेर और लखीसराय जिला के सीमा क्षेत्र में पुलिस नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी कि शीतलकोरानी जंगल में पुलिस को देख नक्सलियों ने गोलीबारी प्रारंभ कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया था और मुठभेड़ शुरू हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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