खतरे में दिल्ली, यमुना में किसी भी वक्त आ सकती है बाढ़
नई दिल्ली। गुरुवार को पानी ना बरसने से यमुना का जलस्तर कुछ सेंटीमीटर घटा था जिससे दिल्ली के निचले इलाके में रहने वाले लोगों ने चैन की सांस ली थी। लेकिन ये राहत बेहद अल्पकालिक सिद्ध हुई। हरियाणा ने शुक्रवार को फिर पानी छोड़ा जिससे यमुना का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गय है। अब शनिवार को हालत ये है कि लोग फिर से भगवान का नाम लेकर यमुना नदी का पानी उतरने की प्रार्थना कर रहे हैं।
दिल्ली में बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा से यमुना में लगभग 38,430 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अधिकारी के मुताबिक "शनिवार की सुबह यमुना का जलस्तर 1.14 मीटर बढ़कर 205.94 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है।" उन्होंने बताया, "यमुना में शनिवार को जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचने के बाद दिन में पानी और बढ़ने की आशंका है और इसके लगातार बढ़ते रहने के आसार है। गौरतलब है कि उस्मानुपर, शास्त्री पार्क, गीता कॉलोनी, भजनपुरा और यमुना कॉलोनी के निचले इलाकों में पानी भर गया है।
यमुना के बढ़तेजलस्तर से स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दिल्ली के उस्मानपुर, गढ़ीमांडु, बदरपुर खादर, आईएसबीटी पुल, शकरपुर, अक्षरधाम मंदिर, पुराना यमुना पुल, गीता कॉलोनी और ओखला में राहत शिविर बनाए गए हैं। इसके अलावा हालात पर निगरानी रखने के निए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। अधिकारी ने बताया, "दिल्ली सरकार यमुना में जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ जैसे किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। करीब 150 तकनीकी कर्मचारी जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।"












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