सोने की खदान में 3 हफ्ते से फंसे हैं 32 मजदूर
इस पाइप के जरिए मजदूरों तक एक कैमरा भी पहुंचाया गया है जिससे उनके सही सलामत होने की जानकारी मिल रही है। चिली के राष्ट्रीय टेलीविजन द्वारा जारी किए गए वीडियो के मुताबिक खदान में फंसे मजदूर पूरी तरह से सामान्य हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक रूप से मजबूत बने हुए हैं।
एक मजदूर ने कैमरे के सामने आकर कहा, "हम यहां बिल्कुल ठीक हैं।"
उसने कहा, "हम यहां एक दूसरे का मनोरंजन करते हैं, हम हर रोज मीटिंग करते हैं, योजनाएं बनाते हैं और ईश्वर की प्रार्थना करते हैं।"
मजदूरों को बताया गया कि उन्हें इस हालत में कई महीनों तक रहना पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इन मजदूरों को बाहर निकालने में चार महीने लग सकते हैं। तब तक उन्हें नए खोदे गए सुराखों से ऑक्सीजन, खाना, और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकारी टेलीविजन के मुताबिक सबमरीन कमांडर और अमेरिकी नेशनल एयरोनाटिक्स एण्ड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) खदान में फंसे मजदूरों को इतने लंबे समय तक यहां रहने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रखने के लिए जरूरी सलाह उपलब्ध करा रहे हैं।
चिली के इंजीनियरों का कहना है कि उन्हें मजदूरों को बाहर निकालने के लिए चट्टानों में 66 सेंटीमीटर व्यास वाला गड्डा खोदने में कम से कम 120 दिन लगेंगे।
खदान के बाहर इन मजदूरों के परिजनों ने कैंप लगा लिया है और वे यहां टेलीविजन सेट और मोबाइल पर इन मजदूरों की वीडियो फुटेज देखते रहते हैं। वीडियो में इन मजदूरों को हंसते हुए और चिली का राष्ट्रगीत गाते हुए देखा गया।
वहीं खदान में फंसे एक मजदूर के परिजनों ने कहा कि उन्होंने खनन कंपनी सान एस्टेबान माइनिंग पर मुकदमा दायर किया है। परिजनों ने कहा कि खनन कंपनी ने नियमों की उपेक्षा करके वर्ष 2008 में खनन कार्य दोबारा शुरू किया था। इससे एक साल पहले हुए हादसे के बाद इस खदान को बंद किया गया था।
यह खदान उत्तरी चिली के अटाकामा रेगिस्तान में स्थित बंजर पहाड़ में सात किलोमीटर लंबाई में फैली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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