राष्ट्रमंडल खेल : निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो पाएंगी कई योजनाएं
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। राजधानी में 3 से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किए जा रहे एक अभ्यास स्टेडियम तथा शहर के विकास से जुड़ी कुछ योजनाएं पूर्व निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो पाएंगी।
अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इन तैयारियों के लिए 31 अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया था लेकिन अब उसके आने में चार दिन का समय बचा है जबकि काम के स्तर पर अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। इसमें सड़कों का निर्माण और मरम्मत, सड़कों को सुंदर बनाने का काम और पार्किं ग से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।
आयोजन समिति ने इस संबंध में केंद्र सरकार को जो रिपोर्ट भेजी है, आईएएनएस को उसकी एक प्रति प्राप्त हुई है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे चार स्टेडियम-त्यागराज, छत्रसाल, तालकटोरा और लुडलो कैसल का काम पूरा हो चुका है लेकिन शिवाजी स्टेडियम में अब भी 28 फीसदी काम होना बाकी है।
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अब सिर्फ 37 दिन बचे हैं। दिल्ली सरकार इससे पहले भी कई बार निर्धारित समय पर काम नहीं पूरा कर पाई है लेकिन 31 अगस्त को तैयारियों को पूरा करने के लिए 'अंतिम-तिथि' के रूप में चिन्हित किया गया था। सितंबर में स्टेडियमों में अंतिम स्तर का काम किया जाना है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि अब सारे निर्माण कार्य सितंबर के मध्य तक ही पूरे हो पाएंगे। सरकार के एक प्रतिनिधि ने आईएएनएस से कहा, "अंतिम तिथि हमारे लिए मुद्दा नहीं है। हमने काम पूरा करने के लिए अधिक मानव संसाधन झोंक दिया है। हम सभी कार्यो को 15 सितंबर तक पूरा कर लेने को लेकर आश्वस्त हैं।"
अधिकारी ने कहा कि भारी बारिश ने काम में भारी व्यवधान पैदा किया है। यही बात तैयारियों की देखरेख के लिए नियुक्त मंत्रियों के समूह के अध्यक्ष शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने भी गुरुवार को कही थी। रेड्डी ने कहा था कि बारिश के कारण आई बाधा को देखते हुए 31 अगस्त की अंतिम तिथि को संभवत: आगे बढ़ाया जा सकता है।
बड़ापुलिया एलिवेटेड सड़क का काम सात प्रतिशत अधूरा है। इसका निर्माण पूर्वी दिल्ली में स्थित खेल गांव से खिलाड़ियों और अधिकारियों को सीधे दक्षिण दिल्ली में स्थित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में लाने और ले जाने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क सिंतबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगी।
दिल्ली सरकार ने हालांकि यातायात को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए 574 वातानुकूलित बसों की जरूरत थी और सभी लो-फ्लोर बसें दिल्ली पहुंच चुकी हैं। दिल्ली सरकार ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि बसों को निर्धारित बजट में ही मंगाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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