तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में बाघ का खौफ
शाहजहांपुर जिले के खुटार वन क्षेत्र के निकट गुरुवार देर शाम एक बाघ ने गोपाल सिंह (30) को मार डाला। इससे पहले 23 अगस्त को इसी इलाके में बाघ ने प्रताप सिंह नामक एक अन्य व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था।
बाघ के हमले से बाकी छह मौतें पीलीभीत जिले के देविरया वन क्षेत्र में हुई थीं। ये सभी मौतें मई से अगस्त के बीच हुईं।
शाहजहांपुर के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पी.पी.सिंह ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, "जांच के मुताबिक गोपाल और प्रताप दोनों को एक ही बाघ ने अपना शिकार बनाया है। घटनास्थल से मिले पैरों के निशान से पता चला है कि हमलावर बाघ नर है "
सिंह ने कहा कि बाघ को पकड़ने के लिए वन अधिकारियों द्वारा इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें दो हाथियों की मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पूरे खुटार वन क्षेत्र में 12 वीडियो कैमरे लगाये गए हैं।
शाहजहांपुर के वन अधिकारियों का मानना है कि इन दो मौतों का जिम्मेदार वही बाघ हो सकता है, जिसने पीलीभीत जिले के देविरया वन क्षेत्र में छह लोगों को अपना शिकार बनाया था।
पीलीभीत के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) वी.के.सिंह ने आईएएनएस को बताया कि इस बात की संभावना है कि जिस बाघ ने पीलीभीत में छह लोगों को अपना शिकार बनाया है वही रास्ता भटककर शाहजहांपुर के वन क्षेत्र में पहुंच गया है।
पीलीभीत और शाहजहांपुर के वन अधिकारियों ने वन क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोगों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे गांव के दूर जंगल के आस-पास अकेले कतई ना जाएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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