वायरलेस तकनीक का सशक्त कूटलेखन अनूठा नहीं : ब्लैकबेरी
टोरंटो, 27 अगस्त (आईएएनएस)। ब्लैकबेरी निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) का शेयर भाव 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद कंपनी ने गुरुवार को कहा कि वायरलेस तकनीक में सशक्त कूटलेखन (एन्क्रिप्शन)कोई नई बात नहीं है। पूरे उद्योग में इस तरह का कूटलेखन हो रहा है।
नैस्डेक शेयर बाजार में आरआईएम का शेयर भाव 1.9 प्रतिशत गिरकर 46.84 डॉलर पर पहुंच गया है। यह एक अप्रैल 2009 के बाद का सबसे निचला स्तर है। टोरंटो शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.4 प्रतिशत गिरकर 49.45 डॉलर पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि आरआईएम पूरे उद्योग में ऐसा कूटलेखन होने की बात कहकर प्रतिस्पर्धी कंपनियों को भी इस मुद्दे में उलझाकर भारत से और समय लेना चाहती है।
कंपनी ने कहा कि सशक्त कूटलेखन उद्योग जगत में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए पहली जरूरत बन गया है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए उद्योगों के लिए यह मूलभूत आवश्यकता है।
केवल ब्लैकबेरी की सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने पर कंपनी ने कहा, "यह पूरी तरह अप्रभावी और अनुपयोगी होगा।"
कंपनी ने कहा कि इससे सशक्त कूटलेखन उपलब्ध कराने वाली दूसरी सस्ती कंपनियां इस सेवा का दुरुपयोग कर सकती हैं।
कंपनी ने कहा कि यह प्रतिबंध पूरी तरह से अनुपयोगी होगा और कंपनियों की व्यापार योजनाओं को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुंचाएगा।
आरआईएम ने कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर रही है और इसकी कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने व्यापार को बढ़ा रही हैं ऐसे में उन्हें व्यापार जगत की सूचनाओं को गुप्त रखने की बेहद जरूरत है। इन सेवाओं को प्रतिबंधित करने से भारतीय कंपनियों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर गंभीर असर पड़ेगा।"
इसके अलावा कई देशों ने सशक्त कूटलेखन की तकनीक को नियमित करने के लिए अतिरिक्त नीति-नियम बनाए हैं, भारत में भी ऐसा किया जा सकता है।
कंपनी ने कहा कि इस चुनौती का सामना किया जा सकता है यदि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उद्योग एक साथ मिलकर भारत सरकार के साथ इस संबंध में नीति-नियम स्थापित करने के लिए काम करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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