मप्र में जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे
जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य राज्यमंत्री हार्डिया के बीच गुरुवार रात हुई वार्ता सफल रही। हार्डिया ने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगो पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने का प्रयास करेगी। हड़ताल के कारण जिन जूनियर डॉक्टरों का निलंबन किया गया है, उसे रद्द कर दिया जाएगा। हड़ताल की अवधि का मानदेय भी नहीं काटा जाएगा।
जूनियर डॉक्टरों की एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि स्वास्थ्य राज्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म हो गई है और जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए हैं।
भोपाल में 17 अगस्त को पुलिस वैन से कुचलकर दो चिकित्सा छात्रों की मौत के बाद उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने साहित अन्य 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के पांचों चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे।
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई थीं। जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील करने के साथ ही हड़ताल को अमानवीय करार दिया था। मुख्यमंत्री जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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