भारी बारिश से उत्तराखण्ड में जनजीवन प्रभावित
बारिश का कहर अभी थमने की बजाय आगामी सितंबर महीने तक जारी रहने की उम्मीद है । मौसम विभाग का कहना है कि पिछले वर्ष सामान्य से 27 प्रतिशत वर्षा कम हुई थी। लेकिन सूबे में इस बार अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
विभाग का कहना है कि चमोली में सबसे अधिक और रुद्रप्रयाग में सबसे कम बारिश हुई। उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया है बारिश के फिलहाल थमने के आसार नहीं हैं। इसका दौर सितंबर तक जारी रहने की संभावना बनी हुई है। राज्य में अभी तक कुल 1110़ 9 मिमी बारिश हुई है, जबकि इसकी सामान्य मात्रा 942़ 5 मिमी रही।
बारिश के कारण राज्य में जगह-जगह भूस्खलन होने के बाद सड़कों में कटान के चलते गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ की यात्रा गुरुवार को स्थगित रही। उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में कई स्थानों पर भारी वर्षा के चलते गत सोमवार की रात भूस्खलन हुआ था, जिससे सड़क मार्ग बंद हो गया था।
आपदा राहत से निपटने में तैनात सीमा सड़क संगठन और पुलिस के जवानों को मलबा साफ करने और सड़क की मरम्मत करने का कार्य कुछ हद तक सफल रहा। लेकिन सुदूरवर्ती इलाकों में गांवों की सड़के और पुलिया अब तक क्षतिग्रस्त है। मौसम खुलने के बाद ही इनके ठीक होने की उम्मीद है।
वहीं बारिश के चलते सूबे की आय पर भी बट्टा लगा है। पर्यटकों की आवक में जहां जबरदस्त कमी आई है वहीं फसलें भी बरबाद हुई हैं। आशंका इस बात की है कि सुदूर पहाड़ों में रह रहे लोगों को खाद्यान्न का संकट न हो जाए।
चमोली के जिला अधिकारी ने अपने सभी उप जिलाधिकारियों की गुरुवार को बैठक कर उन्हें हर स्थिति से निपटने के लिए निर्देश दिए हैं।
चमोली के जिला अधिकारी नीरज सेमवाल ने बताया कि आपदा से निपटने और लोगों को राहत प्रदान करने के लिए उन्होंने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों की बैठक की। इसमें पता चला कि जिले में स्थिति नियत्रंण में है। उन्होंने कहा कि उप जिलाधिकारियों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि सुदूरवर्ती गांवों में इस बात का ख्याल रखे की लोगों को खाद्यान्न और जरूरी चीजों की कमी न हो। कमी पाए जाने पर उन्हें आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई जाएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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