पतंगबाजी पर लगा प्रतिबंध
स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद यह आदेश जारी किया गया है। लोगों ने पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ विभिन्न तरह की शिकायतें की थी। लोगों की इस बात की शिकायत की थी कि कटी पतंगें उनकी छतों पर आकर गिर जाती हैं और कई बार इसमें पक्षी भी फंस जाते हैं।
टोरंटो में पाकिस्तान और अफगानिस्तान मूल के लोग बड़ी तादाद में रहते हैं और उनमें पतंगबाजी काफी मशहूर है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय मूल के पंजाबी समुदाय के लोगों में भी पतंगबाजी का शौक है, जो यहां बड़ी संख्या में हैं।
प्रसिद्ध 'मिलिकेन पार्क' में कई समुदायों द्वारा पतंगबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। पतंग उड़ाने के शौकीन लोग बड़ी बेसब्री से उस समय का इंतजार करते हैं जब ये प्रतियोगिताएं शुरू होती हैं।
शहर में 32 हेक्टेयर में फैले इस पार्क में पहली बार पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध न लगा दिया जाय।
लोगों ने पार्षद चिन ली के यहां अपनी शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद सिटी काउंसिल ने पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। स्थानीय पार्षद ली ने कहा, "मेरे पास पतंगबाजी से जुड़ी शिकायतें आ रहीं थीं कि इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कई बार इनकी डोरों में उलझकर लोगों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही थीं।"
उधर, इस पार्क में पतंगबाजी आयोजित करवाने वाले संगठनों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है और पतंगबाजी के बाद इकट्ठे हुए कूड़े की सफाई करने की इच्छा जाहिर की है। संगठनों का यह भी कहना है कि इस परंपरा को जिंदा रखने के लिए वह कॉटन का पतंग बनाएंगे।













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