विशेष पुलिस अधिकारियों का वेतन भार उठाए केंद्र : त्रिपुरा
आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) और प्रदेश के सुरक्षा बलों की मदद के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों में वर्ष 2001 के बाद से 4,011 स्थानीय युवाओं को एसपीओ बनाया गया है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, "त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार और तीन अन्य सांसदों ने हाल ही में नई दिल्ली में गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से मुलाकात की और प्रदेश के सभी एसपीओ के वेतन और भत्तों का खर्च केंद्र द्वारा उठाए जाने की मांग की।"
उन्होंने कहा, "उन्होंने चिदम्बरम से कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में 31,800 और झारखण्ड में 3,200 एसपीओ के वेतन और भत्तों का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है।"
केंद्रीय गृह मंत्रालय त्रिपुरा के कुल 4,011 एसपीओ में से 1,400 एसपीओ के वेतन खर्च में 500 रुपये प्रति एसपीओ का ही भुगतान कर रही है।
सांसदों द्वारा गृहमंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा गया, "सीपीएमएफ और प्रदेश के सुरक्षा बलों को मदद के काम में विशेष पुलिस अधिकारियों की भूमिका पूरे देश में प्रशंसित हुई है।"
"बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई एसपीओ को त्रिपुरा पुलिस, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स और सीपीएमएफ में शामिल किया गया है।"
त्रिपुरा में उग्रवाद के चरम पर पहुंचने के दिनों में वर्ष 2001 में 2000 युवाओं को एसपीओ बनाया गया था। अब तक इनकी संख्या बढ़कर 4,011 हो गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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