यूपी: किसानों पर फायरिंग मामले में 'मायाजाल' में फंसे अधिकारी
रविवार को भी नाराज किसानों ने सड़कों पर उतरकर जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। किसान नोएडा और आगरा के बीच बनने वाले यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के लिए ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कुल 165 किलोमीटर लंबे आठ लेन वाले इस मार्ग के निर्माण का ठेका जे. पी. इंडस्ट्रीज को दिया गया है।
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राज्य सरकार ने पूरी घटना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हिंसा रोकने में नाकाम अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त जे.बी.सिन्हा का तबादला कर राजीव अग्रवाल को नया मंडलायुक्त नियुक्त किया जबकि जिलाधिकारी के. आर. मोहन राव को हटाकर के.रविंद्र नायक को नया जिलाधिकारी बनाया। साथ ही घटना की न्यायिक जांच कराने के आदेश दे दिए हैं।
इससे पहले राज्य सरकार ने रविवार को ही अलीगढ़ के एसएसपी विजय प्रकाश को हटाकर उनके स्थान पर सत्येंद्र वीर सिंह को अलीगढ़ का नया एसएसपी और मथुरा के एसएसपी बी.डी.पॉल्सन को हटाकर उनके स्थान पर लव कुमार को मथुरा नया एसएसपी बनाने का फैसला किया।
राज्य सरकार ने किसानों की जमीनों की दर फिर से तय करने का फैसला किया। सिंह ने कहा कि नवनियुक्त मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित एक समिति जमीनों का परीक्षण करेगी उसके बाद फिर से जमीनों की दर तय किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है। इस हिंसक झड़प में पीएसी के प्लाटून कमांडर और एक किसान की मौत हुई है। अलीगढ़ में शनिवार देर रात किसानों पर हुई पुलिस फायरिंग में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए थे।













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