लिट्टे के कनाडा में घुसने को लेकर सतर्कता बढ़ी
श्रीलंकाई सेनाओं ने पिछले साल लिट्टे को बुरी तरह से पराजित किया था। यह संगठन कनाडा और अमेरिका दोनों देशों में प्रतिबंधित है। इस खबर से यहां सतर्कता बढ़ गई है क्योंकि प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों को कनाडा में प्रवेश की अनुमति नहीं है। लिट्टे को 2006 में कनाडा में प्रतिबंधित कर दिया गया था।
कनाडा के नागरिक सुरक्षा मंत्री विक टोयस ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता लेकिन इतना आश्वस्त कर सकता हूं कि हम इसको लेकर सतर्क हैं कि जहाज पर कौन लोग हैं और वे कनाडा क्यों आ सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "इस बात पर विश्वास करने की वजह है कि लिट्टे इस काम को अंजाम देने में शामिल हो सकता है। मैं आपको याद दिला दूं कि इस संगठन ने श्रीलंकाई नागरिकों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ आत्मघाती बम हमलों का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा यह कनाडाई तमिल समुदाय से धन उगाही के लिए जबरन वसूली और धमकी का सहारा लेता रहा है।
अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि श्रीलंकाई तमिलों को लेकर आने वाला थाईलैंड का मालवाहक जहाज एमवी सन सी कनाडा के समुद्री भूभाग से 200 समुद्री मील की दूरी पर है। शरण के इच्छुक इन लोगों के रहने की व्यवस्था के तहत वैंकूवर क्षेत्र के दो कारागारों को सतर्क कर दिया गया है।
लिट्टे की पराजय के बाद श्रीलंकाई तमिलों को लेकर कनाडा में घुसने वाला यह दूसरा जहाज होगा। पिछले साल अक्टूबर में शरण के इच्छुक यहां 76 तमिल पहुंचे थे। इनमें से ज्यादातर अब टोरंटो में रह रहे हैं और इन्हें शरण देने संबंधी मामले अभी लटके हुए हैं।
कनाडाई तमिल कांग्रेस के प्रवक्ता डेविड पूपालापिल्लई ने बुधवार को कहा कि श्रीलंका की स्थिति को देखते हुए कनाडा को शरण के इच्छुक नए लोगों के साथ सहानुभूति पूर्वक पेश आना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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