शिक्षा के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना है : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि साक्षरता के विस्तार के लिए देश को अभी बहुत कुछ करना है। इसके साथ ही सिंह ने कहा कि देश में शिक्षा के विस्तार में कोष की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, "शिक्षा के फैलाव के लिए हमें अभी भी बहुत लंबी यात्रा तय करनी है।"
सिंह ने कहा, "यूनेस्को की वैश्विक निगरानी रिपोर्ट-2006 के अनुसार दुनिया के 77.10 करोड़ निरक्षर लोगों में 26.80 करोड़ लोग हमारे देश में रहते हैं। यह संख्या दुनिया के कुल निरक्षरों की एक तिहाई फीसदी ठहरती है।"
प्रधानमंत्री अपने स्कूली मित्र और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के एक व्याख्यान में बोल रहे थे। यह व्याख्यान प्राची ट्रस्ट, एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट और राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की ओर से आयोजित किया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह हमारे सरकार की प्रतिबद्धता है कि साक्षरता और शिक्षा के विस्तार के रास्ते में धन की कमी को बाधा पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह मौजूदा वित्तीय वादे और राजनीतिक संकल्प के आधार पर है, जिसे हमने संसद में किया था और अपने संविधान में एक नया मौलिक अधिकार जोड़ा था- शिक्षा का अधिकार।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार ने पिछले छह सालों के दौरान हर बच्चों तक, हर नागरिकों तक लिंग, जाति और धर्म का भेद किए बगैर शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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