गंगोत्री जाते हुए 20 कांवड़ियों की मौत

गंगोत्री जाते हुए 20 कांवड़ियों की मौत

शालिनी जोशी

देहरादून से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

उत्तराखंड में गंगोत्री जाते समय कांवड़ियों से भरा एक ट्रक गहरी खाई में गिर गया है जिससे 20 कांवड़ियों की मौत हो गई है.

ट्रक में सवार कांवड़िए हरियाणा के रहनेवाले थे. खाई से अब तक 15 लाशें निकाली जा चुकी हैं और आशंका है कि पांच लोग नदी में बह गए हैं. चार गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ट्रक में कितने लोग सवार थे इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. यही वजह है कि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है.

ये हादसा उत्तरकाशी से 70 किमी आगे भटवाड़ी में दुर्गा मंदिर के पास हुआ है. बताया जा रहा है कि पूरे रास्ते में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है और पहाड़ों से पत्थर टूट कर गिर रहे हैं.

ये कांवड़िए खतरे की चेतावनी के बावजूद जबरन गंगोत्री जा रहे थे.

घटनास्थल पर मौजूद बड़कोट निवासी लोकेश थपलियाल ने बताया कि, “ट्रक गंगा-भागीरथी की खाई में करीब 150 मीटर नीचे गिर गया और उसके परखच्चे उड़ गए. गंगा भागीरथी का बहाव देखकर लगता है कि कुछ लोग जरूर बह गए होंगे.”

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि, ”राहत और बचाव के लिये आईटीबीपी की भी मदद ली जा रही है और प्रभावित लोगों के इलाज की व्यवस्था कर दी गई है.

उन्होंने कहा कि, “तमाम चेतावनियों के बावजूद सैलानी यहां के रास्तों के खतरों को नहीं समझते हैं. कांवड़िए इतनी तेजी से चलते हैं और ट्रक में पटरी लगाकर काफी संख्या में एक ही ट्रक पर सवार हो जाते हैं इसलिए ऐसी दुर्घटनाओं का ख़तरा बढ़ जाता है.”

राज्य सरकार ने दुर्घटना की ज़िला स्तरीय जांच के आदेश दे दिये हैं.

उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही मंडलों में पिछले दो दिनों से तेज़ बारिश हो रही है. इससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. जगह-जगह भूस्खलन और नदियों में उफान की घटनाएं हो रही हैं. इन घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और कई जगह पुल और रास्ते टूट गए हैं. इससे इलाकों का संपर्क टूट गया है और लोग दोनों ओर फंस गए हैं.

तीर्थनगरी हरिद्वार में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिससे बाढ़ का खतरा बन गया है. यहां तक कि राजधानी देहरादून में भी लगभग 500 घरों में पानी घुस गया है.

चार दिन पहले ही गोमुख के पास बादल फटने औऱ ग्लेशियर टूटने से हुई तबाही में भी दो कांवड़ियों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार ने गोमुख जाने पर रोक लगा दी थी. वहां जाने के लिये जारी किए गए सभी परमिट भी रद्द कर दिए गए थे.

गंगोत्री का मंदिर लोकप्रिय चारधाम तीर्थयात्रा का एक प्रमुख तीर्थ है. गंगा का उद्गम स्थल गोमुख गंगोत्री शहर से करीब 19 किमी दूर है. गंगोत्री तक वाहन जाते हैं लेकिन उसके आगे गोमुख तक पैदल जाना होता है.

पिछले कुछ सालों में कांवड़ यात्रा काफ़ी प्रचलित हुई है. हजारों लोग कांवड़ लेकर गंगोत्री-गोमुख जाते हैं और वहां से जल लेकर लौटकर अपने गांव-शहर के शिवालयों में चढ़ाते हैं.

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