मेघालय के चेरापूंजी की दशा खराब
चेरापूंजी।
पूरे विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान के रूप में जाने जाना वाला चेरापूंजी देश के मेघालय राज्य में स्थित है। चेरापूंजी घाटी पूर्वी खासी जिले के दक्षिणी तराई वाले इलाके में पठारों के किनारे पर बसी हुई है। गहरी घाटियों में गिरने वाले झरनों के लिए चर्चित इस शहर का दूसरा नाम सोहरा है। लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह शहर 'तीसरे दर्जे का गंतव्य' बन गया है। id="toptextpromo">राष्ट्रीय
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष एचटी संगलियाना ने कहते हैं , "चेरापूंजी तीसरे दर्जे की गंतव्य है। मैंने अनुभव किया कि वहां जाने वाले पर्यटक स्वयं को ठगा महसूस करते हैं।" सांसद एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी सांगलियाना बताते हैं कि चेरापूंजी जाने वाली सड़क की दशा बेहद खराब है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उल्लेखनीय
है कि यह शहर समुद्र तल से 1,290 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और राज्य की राजधानी शिलांग से 56 किलोमीटर दूर है। इस शहर में प्रतिवर्ष औसत वर्षा 12,000 मिलीमीटर दर्ज की जाती है। वर्ष 1974 में सबसे अधिक 24,555 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। अधिक वर्षा के कारण यहां दुर्लभ वनस्पति उपजते हैं।











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