जुलाई सबसे घातक,63 सैनिक मारे गए

अफ़ग़ानिस्तान में नौ साल पहले शुरु हुए युद्ध में जुलाई 2010 में सबसे ज़्यादा अमरीकी सैनिक हताहत हुए हैं. जुलाई में 63 सैनिकों की मौत हुई.
जून महीने में मारे गए अमरीकी सैनिकों की संख्या 60 थी. लेकिन जुलाई में संख्या 63 तक पहुंच गई. गुरुवार को तीन अमरीकी सैनिकों के मारे की पुष्टि हुई है.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के ख़िलाफ़ अभियान लगातार तेज़ हुआ है.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामान ने पिछले दिसंबर अफ़ग़ानिस्तान में तीस हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने का आदेश दिया था.
इस बीच हज़ारों अमरीकी और ब्रितानी सैनिकों ने हेलमंद में तालिबान के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा है.
शुक्रवार सुबह ब्रितानी और अफ़ग़ान सैनिकों ने हेलमंद की नाद अली ज़िले में कार्रवाई की ताकि तालिबान के गढ़ से उन्हें खदेड़ा जा सके.
अभियान
फ़रवरी 2010 के बाद से इसे ब्रितानी सैनिकों के सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है.
उस अभियान के दौरान ब्रितानी फ़ौज नाद अली ज़िले से विद्रोहियों को नहीं निकाल पाई थी.
एक वेबसाइट के मुताबिक वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान में अभियान शुरु करने के बाद से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना के लिए जून सबसे घातक महीना था. कुल 102 सैनिक मारे गए.
कुछ दिन पहले ही काबुल में अफ़गानिस्तान के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था. इसमें अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अफ़गानिस्तान 2014 तक अपनी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करना चाहता है.
जबकि अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिटंन ने कहा था कि अमरीका लंबे समय तक अफ़गानिस्तान को समर्थन देने के लिए तैयार है.












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