कुरैशी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर आसीन हुए (लीड-1)
पदभार ग्रहण करने के बाद कुरैशी ने कहा कि चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना और धन बल की भूमिका पर रोक लगाना उभरती चुनौतियां हैं।
उन्होंने नवीन चावला का स्थान लिया। चावला इस पद पर करीब डेढ़ साल तक रहे।
कुरैशी ने संवाददाताओं को बताया, "जल्द से जल्द सटीक मतदाता सूची तैयार करने के काम में हम पहले से व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं।"
कुरैशी ने कहा, "मैं बहुत सम्मान और गौरव के साथ यह पदभार ग्रहण कर रहा हूं। निर्वाचन आयोग भारतीय संविधान की ओर से देशवासियों को प्रदान किए गए सर्वाधिक बेशकीमती तोहफों में से है। मुझे इस गरिमापूर्ण संस्था में पिछले चार वर्षो से निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। संविधान निर्माताओं ने जहां इसे सभी संभावित दबावों से अलग रखने का प्रयास किया है वहीं सर्वोच्च न्यायालय भी इसकी स्वतंत्रता पर होने वाले किसी भी हमले से बचाव करने में सरगर्मी से लगा रहता है। सर्वोच्च न्यायालय ने आश्वस्त किया है कि यह आयोग और सशक्त होता रहेगा।"
इससे पहले कुरैशी ने गुरुवार को कहा था कि वह बेहद गर्व और विनम्रता से इस पद को ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी संबंद्ध लोगों विशेषकर इस महान देश के वासियों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध करते हैं ताकि वह अपने दायित्व पूरे कर सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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