दुनिया करती है भारत को सलाम....

द हिंदू अख़बार में लिखे एक लेख में डेविड कैमरन ने दोनों देशों के सामने चुनौतियों की ज़िक्र किया है जिसमें अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान और जलवायु परिवर्तन को उन्होंने मुख्य मुद्दा बनाया है.
उन्होंने लिखा है, “जहाँ तक सुरक्षा का सवाल है हम इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में क्या हो रहा है. मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूँ कि इन देशों के साथ भारत के रिश्ते उसका अपना मामला है. लेकिन जब भारत और ब्रिटेन दोनों आतंक मुक्त पाकिस्तान देखना चाहते हैं, सुरक्षित अफ़ग़ानिस्तान देखना चाहते हैं तो तर्कसंगत यही है कि भारत और ब्रिटेन को सुरक्षा के मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा."
उन्होंने लिखा है कि भारत में राष्ट्रमंडल खेल हैं तो लंदन में ओलंपिक और दोनों जगह सुरक्षा को लेकर सहयोग किया जा सकता है.
जलवायु परिवर्तन और आर्थिक सहयोग
कैमरन ने कहा कि दोनों देशों के सामने आर्थिक चुनौतियाँ भी हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक संतुलन एशिया की ओर झुक रहा है और ब्रिटेन को अपनी जगह बनाने के लिए और मेहनत करनी होगी. कैमरन ने कहा कि उन्हें ये स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है कि ये एक बड़ा कारण है कि वे भारत आए हैं.
अपने लेख में वे लिखते हैं, हमें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को और मुक्त करना होगा और दोनों देशों को एक दूसरे के यहाँ निवेश बढ़ाना होगा. वोडाफ़ोन, विप्रो और इंफ़ोसिस ने इस ओर राह दिखाई है. हम कोशिश करेंगे कि इस साल के अंत तक यूरोपीय संघ-भारत के बीच मुक्त बाज़ार समझौता हो जाए. दोहा वार्ता को आगे बढ़ाने की ओर भी काम करना चाहिए.
शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की ओर इशारा करते हुए कैमरन ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में सहयोग और छात्रवृत्ति से लोगों को साथ लाया जा सकता है.
कैमरन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन विश्व के सामने बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा है कि वो भारत की बात समझते हैं कि विकास के लिए उसे ऊर्जा की ज़रूरत है लेकिन आपसी सहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले देशों को कुछ ज़िम्मेदारी लेनी होगी. कैमरन चौथी बार भारत का दौरा कर रहे हैं पर बतौर प्रधानमंत्री वे पहली दफ़ा भारत आए हैं.
शाहरुख़ की फ़िल्में और समान खाना
ब्रितानी प्रधानमंत्री ने भारत-ब्रिटेन रिश्तों की आर्थिक और सांस्कृतिक अहमियत पर ज़ोर दिया है.अपने लेख में कैमरन ने विस्तार से उल्लेख किया है क्यों ब्रिटेन के लिए भारत की इतनी अहमियत है.
उन्होंने लिखा है, "सबसे पहले तो भारत की अर्थव्यवस्था विश्व को अपनी ओर खींचती है. पहले लोग कहा करते थे मौके और अच्छी किस्मत की तलाश में पश्चिम की ओर जाओ लेकिन अब कहते हैं कि पूरब की ओर जाओ. अर्थव्यवस्था ही नहीं भारत का लोकतंत्र, यहाँ की सहिष्णुता, कई धर्मों और भाषाओं का एक साथ अस्तित्व ये हम लोगों के लिए एक सबक है. इसके अलावा भारत एक ज़िम्मेदार देश भी है."
कैमरन ने इस पर भी अपने विचार रखे हैं कि भारत के लिए क्यों ब्रिटेन अहम होना चाहिए. कैमरन कहते हैं, "भारतीय मूल के 20 लाख लोग ब्रिटेन में रहते हैं. कई सांस्कृतिक समानताएँ हैं चाहे वो शाहरुख़ खान की फ़िल्में हों, समान खाना हो या फिर क्रिकेट देखना हो."
कैमरन ने लिखा है कि संस्कृति के अलावा भी भारत के लिए कई व्यावहारिक आकर्षण हैं- ब्रिटेन में अंग्रेज़ी बोली जाती है, यूरोप में बिज़नेस करने के लिए ब्रिटेन बेहतरीन जगह है, सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय हैं और शोधकार्य के लिए ब्रिटेन अच्छी जगह है.
अपने लेख का अंत कैमरन ने ये लिखकर किया है कि भारत के दरवाज़े पर आज पूरी दुनिया खड़ी हुई है लेकिन उन्हें लगता है कि आने वाले वर्षों में ब्रिटेन को भारत का साझीदार होना चाहिए और इस दौरे से वे इसकी शुरुआत कर रहे हैं.












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