आर्थिक हालात सुधरने पर ब्रिटेन में तलाक के मामले बढ़े
मंदी के कारण दंपति न चाहते हुए भी एक दूसरे के साथ रहने को मजबूर थे, क्योंकि वे अलगाव की शर्तो के तहत दी जाने वाली राशि का भुगतान करने की स्थिति में नहीं थे।
पिछले तीन महीनों में ब्रिटेन में तलाक की अर्जी देने वाले लोगों की संख्या में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। तीन महीने पहले यह संख्या 28,600 थी, जबकि अब यह बढ़कर 30,400 हो गई है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' ने तलाक की अर्जी पर काम करने वाली कानूनी संस्था-पैनोन लॉ फर्म के वकील एंड्रयू न्यूबरी के हवाले से लिखा है, "दंपत्तियों ने हमसे कहा कि पिछले दो वर्षों में वे आर्थिक मंदी के कारण अलगाव पर होने वाले खर्च को वहन करने की स्थिति में नहीं थे। ऐसी स्थिति में यह जानते हुए भी कि उनके वैवाहिक जीवन का कोई अर्थ नहीं रह गया है, वे एक ही छत के नीचे रहने को मजबूर थे। अब यही लोग तलाक के लिए तेजी से अर्जी देने लगे हैं।"
अन्य कानूनी फर्मो ने भी तलाक के मामलों में वृद्धि की बात कही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में 2008 में 121,799 तलाकशुदा लोग थे जबकि 2007 में इनकी संख्या इससे 5.5 प्रतिशत ज्यादा यानि 128,232 थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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