रेल हादसे में 60 मरे, 150 घायल (लीड-4)
सैंथिया (पश्चिम बंगाल), 19 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में दो महीने के भीतर रविवार देर रात दूसरा बड़ा रेल हादसा हुआ। बीरभूम जिले मेंतेज गति से आ रही उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने सैंथिया रलेवे स्टेशन पर खड़ी भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक घायल हो गए।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले कहा, "यह दुखद घटना है। लोगों की जान बहुत महत्वपूर्ण है। हमें इस हादसे पर गहरा खेद है। दो महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में यह दूसरा हादसा है।"
ममता ने मुआवजे का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के निकट संबंधी को पांच लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल को एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल को 25,000 रुपये दिए जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के जल्द सेहतमंद होने की कामना भी की है।
पूर्व रेल मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने दुख प्रकट करते हुए इस घटना की न्यायिक जांच करवाने की मांग की है। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की ओर से भी यही मांग की गई है।
उधर, पूर्वी रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हादसे में 60 लोग मारे गए हैं और 157 से अधिक घायल हुए हैं। यह हादसा रविवार देर रात 2.15 बजे हावड़ा से 191 किलोमीटर दूर सैंथिया स्टेशन पर हुआ। मारे गए लोगों में उत्तरबंगा एक्सप्रेस का चालक व सहचालक और वनांचल एक्सप्रेस का एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल है।
अब तक बरामद सभी शवों को सूरी स्थित जिला अस्पताल में भेज दिया गया है। मौके पर पांच चिकित्सा दल पहुंच चुके हैं। पूर्वी रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त एस. साहू ने आईएएनएस को बताया, "लगभग 150 घायलों को सूरी और सैंथिया के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।"
यह हादसा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी उतरने की घटना के 52 दिनों बाद बाद हुआ है। पश्चिम मिदनापुर जिले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 148 लोग मारे गए थे।
सैंथिया रेल हादसे के बारे में पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि वनांचल एक्सप्रेस सैंथिया स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-4 पर खड़ी थी। उसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने उसे टक्कर मार दी। इस घटना में वनांचल एक्सप्रेस की तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह हादसा उस समय हुआ जब वनांचल एक्सप्रेस वहां से प्रस्थान करने ही वाली थी। हादसे की वजह से इस रेलखंड पर रेलसेवाएं बाधित हुई हैं। मालदा-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित कई रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। इस बीच घटनास्थन पर राहत रेलगाड़ी पहुंच चुकी है।
पूर्वी रेलवे महाप्रबंधक वी.एन. त्रिपाठी के अनुसार इस बात की जांच का आदेश दे दिया गया है कि दोनों रेलगाड़ियां कैसे एक रेलेवे लाइन पर आ गईं। रेल मंत्री ममता बनर्जी दोपहर बाद घटनास्थल का दौरा करेंगी।
उधर, इस हादसे के मद्देनजर रेलवे ने कई हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। पूर्वी रेलवे की ओर से सैंथिया स्टेशन पर दो हेल्पलाइन नंबर शुरू किए गए हैं। ये फोन नंबर हैं: 23503537 और 23503535।
हावड़ा रेलवे स्टेशन पर भी फोन कर लोग अपने परिजनों की खरियत जान सकते हैं। हावड़ा के फोन नंबर हैं: 033-26382581/7412 और 26411416। इसी तरह से बिहार के भागलपुर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 06412422433 और जमालपुर स्टेशन का नंबर 0634443101 है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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