बंद और प्रतिबंधों से घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त (लीड-1)
कई दिन के कर्फ्यू और बंद के बाद एक दिन पहले ही यहां जनजीवन सामान्य हुआ था। उत्तरी कश्मीर के बारामूला में शनिवार को पथराव कर रही भीड़ का सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से पीछा किये जाने के दौरान कक्षा 7वीं के छात्र, फैजान अहमद बुहरू की झेलम नदी में डूबने से मौत हो जाने से यहां तनाव फैल गया।
बारामूला प्रशासन ने लड़के के शव को नदी से निकालने के लिए सेना के गोताखोरों की मदद मांगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बरामूला से फोन पर बताया, "सेना के गोताखोरों को शव की तलाश करने में लगा दिया गया है।"
गोताखोरों ने झेलम नदी में शहर के आजादगंज पुल से तलाशी की। संभवत: लड़के ने यहीं नदी में छलांग लगाई थी।
बारामूला जिला प्रशासन के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "अभी तक हमें कोई सफलता नहीं मिली है, लेकिन तलाश जारी है।"
इस घटना से गुस्साए युवकों ने शहर में तैनात पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमला किया। इसके बाद शहर में तनाव व्याप्त हो गया।
बारामूला के जिला मजिस्ट्रेट बशीर अहमद भट ने संवाददाताओं को बताया, "पहले शव बरामद हो जाए उसके बाद, जिस परिस्थति के कारण लड़का नदी में डूबा, उसकी सिरे से जांच की जाएगी।"
पड़ोस के सोपोर कस्बे में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने रविवार को प्रतिबंध लगा दिया।
हुर्रियत के कट्टरपंथी गुट के नेता सैय्यद अली गिलानी ने सुरक्षा बलों द्वारा कथित मानवाधिकार हनन के विरोध में घाटी में रविवार को बंद का आह्वान किया था। कट्टरपंथी गुट ने इस बंद को 'कश्मीर छोड़ो' अभियान का हिस्सा बताया था।
पुलिस ने कहा, "श्रीनगर के पुराने शहर और मैसुमा, बटमालू और हमहमा इलाकों में हिंसा रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं।"
पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान सुबह से ही इन इलाकों में प्रतिबंधों को लागू करा रहे थे।
पुराने शहर, मैसुमा और बटमालू में यातायात पूरी तरह रोका गया है। किसी को भी सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं दी गई।
12 दिनों तक चले कर्फ्यू और बंद के दौर के बाद शनिवार को कश्मीर घाटी में स्थिति सामान्य हुई थी। दोबारा बंद और अशांति की आशंका के चलते लोग बड़ी संख्या में जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचे।
पिछले 11 जून के बाद से शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों में घाटी में अब तक 14 नागरिकों की मौत हुई है। राज्य सरकार ने नागरिकों की मौतों के कारणों की स्वतंत्र जांच कराने का निर्णय लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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