पंजाब, हरियाणा में कटान रोकने के प्रयास
मानसा जिले के उपायुक्त कुमार राहुल ने आईएएनएस से कहा, "घग्गर नदी के तटबंधों में आई दरार और पानी के भारी प्रवाह से मानसा जिले के कई गांव पानी में डूब गए हैं। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पर पानी भर गया है। समीप के कई गांवों में अभी भी बाढ़ का खतरा है। हमने मदद के लिए सेना से आग्रह किया।"
उन्होंने कहा कि सेना के जवान जिला प्रशासन के साथ काम कर रहे हैं और कटानों को शीघ्र ही बंद कर देने की उम्मीद है।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले में भी सेना की मदद मांगी गई है जहां घग्गर नदी के तटबंध में आई दरार से 30 से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई।
फतेहाबाद जिले के एक अधिकारी ने बताया कि पानी का बहाव काफी तेज है और करीब 30 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए। ग्रामीणों को पैकेटबंद भोजन, पानी और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पंजाब के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नदियों और नहरों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर पर है।
पंजाब के मुख्य इंजीनियर (सिंचाई) अमरजीत सिंह दुल्लत ने आईएएनएस से कहा, "हम बाढ़ की स्थिति पर नजदीकी निगाह रखे हुए हैं। कुछ हिस्सों में पानी का स्तर घटा है लेकिन अन्य स्थानों पर इसका स्तर खतरनाक है। इस समय यह नहीं कह सकते कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नई दरारों को पाटने का काम जारी है।"
पटियाला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली और संगरूर जिले के सैकड़ों गांव पिछले हफ्ते आई बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से पंजाब से 2.5 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है और 763 गांवों के तीन लाख से ऊपर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुल 1,966 किलोमीटर लंबी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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