घाटी में अलगाववादियों का बंद, जनजीवन प्रभावित (लीड-2)
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हालात सुधरने पर पूरी घाटी से कर्फ्यू हटा लिया गया है। परंतु पुराने शहर के कुछ इलाकों और बटमालू तथा मैसुमा में प्रतिबंध बरकरार हैं।"
श्रीनगर में बाजार, शैक्षणिक संस्थान, बैंक और कुछ अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे हालांकि निजी वाहन की आवाजाही जारी रही लेकिन प्रतिबंधों की वजह से पुराने शहर इलाके में जनजीवन सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।
इस बीच मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई सोमवार की सर्वदलीय बैठक में मुख्य विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और पैंथर्स पार्टी का कोई नुमाइंदा शिरकत नहीं करेगा।
सर्वदलीय बैठक में कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। पीडीपी ने पहले ही इसमें शामिल न होने का ऐलान किया था और अभी भी वह अपने इसी फैसले पर कायम है। उसने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अपील भी ठुकरा दी थी।
उमर की नेशनल कांफ्रेंस के अलावा भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और डेमोक्रेटिक नेशनल पार्टी इस बैठक में शामिल रहेंगी। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला भी इस अहम बैठक में शरीक रहेंगे।
उधर, घाटी से दैनिक अखबारों का प्रकाशन आरंभ हो गया है। गौरतलब है कि बीते बुधवार को श्रीनगर में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद पूरी घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications