कश्मीर में 35 घायल, कर्फ्यू में ढील (राउंडअप इंट्रो-1)
श्रीनगर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में जुमे की नमाज के बाद भीड़ द्वारा सुरक्षा कर्मियों पर किए गए पथराव में 20 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 35 लोग घायल हो गए। बाद में प्रशासन ने पूरी घाटी में कर्फ्यू में ढील दे दी ताकि लोग धार्मिक त्योहार, शब-ए-मेराज मना सकें।
पुलिस ने कहा कि दक्षिणी कश्मीर के काकपोरा कस्बे में जुमे की नमाज के बाद भीड़ इकट्ठा हो गई और उसने सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "जुमे की नमाज के बाद भीड़ ने स्थानीय पुलिस थाने पर हमला किया और उसे जलाने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और चेतावनी स्वरूप हवा में गोलियां दागी।"
अधिकारी ने कहा, "केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक डिप्टी कमांडेंट और लगभग आधा दर्जन स्थानीय पुलिस कर्मी और सीआरपीएफ के जवान इस घटना में घायल हो गए।"
पुलिस ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला कस्बे में एक उग्र भीड़ ने भारी पथराव किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "एक अधिकारी सहित लगभग 10 पुलिस कर्मी पथराव में घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और हवा में गोलियां दागी।"
इस बीच कश्मीर घाटी के सभी हिस्सों में शुक्रवार शाम से कर्फ्यू में ढील दे दी गई है।
श्रीनगर के सदर मौलाना, मुफ्ती मोहम्मद बशीर-उद-दीन ने सरकार से शहर में धार्मिक त्योहार शब-ए-मेराज मनाने के लिए कर्फ्यू में ढील देने की अपील की थी।
मुफ्ती मोहम्मद बशीर-उद-दीन ने लोगों से भी आग्रह किया है कि वे त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।
दूसरी ओर घाटी में हिंसा को बढ़ावा देने के षडयंत्र का फोन टैपिंग के जरिए खुलासा होने के बाद हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी नेता शब्बीर अहमद वानी को गिरफ्तार कर लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने वानी और गुलाम अहमद डार नाम के एक शख्स के बीच हुई भड़काऊ बातचीत को टैप किया था। इसके आधार पर वानी को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। उधर, वानी के परिजनों का कहना है कि वह निर्दोष है।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "वानी हुर्रियत का मझोले स्तर का नेता है और उसने फोन पर डार से बातचीत में कहा था कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों के हाथों 10-15 लोग मरने चाहिए। "
सोपोर में हिंसा के संदर्भ में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "सोपोर में गुरुवार रात भारतीय स्टेट बैंक की इमारत पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। एक अन्य घटना में शुक्रवार तड़के आतंकवादियों ने पुलिस के वाहन पर गोलीबारी की जिसमें चालक घायल हो गया।"
अधिकारी ने कहा, "दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि दोनों घायल पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं।"
श्रीनगर, सोपोर, गांदेरबल, हंदवार और दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, काकपोरा और कुछ अन्य जगहों पर लगातार तीसरे दिन गुरुवार को रात आठ बजे तक कर्फ्यू जारी था। एक अधिकारी ने कहा कि बारामूला, काजीगुंड, बिज्बेहरा और कांगन जैसे कस्बों में सख्ती बरती गई।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहां एक सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कर्फ्यू में ढील देने के लिए हालात की समीक्षा की गई।
पिछले दो दिनों में कश्मीर घाटी में किसी बड़ी अप्रिय घटना के नहीं होने से अधिकारियों के हौसले भी बुलंद हैं।
हालात बिगड़ने की आशंका के चलते जुम्मे (शुक्रवार) की नमाज से पहले शहर के किसी भी इलाके में कर्फ्यू में ढील नहीं दी गई। कर्फ्यू लगे इलाकों के लोगों ने मस्जिदों में बंद होकर नमाज अता किया।
श्रीनगर में बीते मंगलवार को हुई झड़पों के बाद यहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। इन झड़पों में दो किशोर, एक महिला और एक सरकारी कर्मचारी की मौत हो गई थी। बाद में यहां सेना की भी तैनाती की गई थी।
प्रशासन ने स्थानीय मीडिया कर्मियों के लिए नए कर्फ्यू पास जारी किए हैं, ताकि वे अपनी पेशेवर ड्यूटी निभा सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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