गडकरी के सामाजिक, राजनीतिक बहिष्कार का कांग्रेस का आह्वान (लीड-3)
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का 'दामाद' बताए जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच शुक्रवार को छिड़ा वाकयुद्ध और तेज हो गया है। इस बीच कांग्रेस ने गडकरी के राजनीतिक और सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "गडकरी ने असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। इस तरह की टिप्पणी करने वालों को सामाजिक और राजनीतिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। जिस पार्टी का अध्यक्ष इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, उसे इस तरह के घृणित बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।"
गडकरी के बयान से पार्टी में पैदा हुए गुस्से का जिक्र करते हुए अहमद ने कहा, "कांग्रेस के पास अपने कार्यकर्ता हैं और यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसके लिए पार्टी जिम्मेदार नहीं होगी।"
इसके पहले कांग्रेस ने गडकरी द्वारा देहरादून में गुरुवार को की गई टिप्पणी पर त्वरित प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष का दिमाग बिल्कुल खराब हो गया है, लिहाजा उन्हें किसी मनोरोग चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया जाना चाहिए।
कांग्रेस की इस टिप्पणी के कुछ ही घंटे के भीतर भाजपा ने मांग की कि कांग्रेस गैर जिम्मेदार और असभ्य टिप्पणी के लिए माफी मांगे। दूसरी ओर भाजपा की सहयोगी पार्टी, जनता दल (युनाइटेड) ने कहा कि वह गडकरी की टिप्पणी से अनभिज्ञ है, लेकिन "सच्चाई, सभ्य भाषा में ज्यादा खूबसूरत लगती है।"
ज्ञात हो कि देहरादून में गुरुवार को एक रैली को संबोधित करते हुए गडकरी ने अफजल गुरु की फांसी की सजा के क्रियान्वयन में हो रही देरी के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था।
गडकरी ने कहा था, "मैं कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं कि अफजल गुरु क्या आपका दामाद है..उसके साथ आखिर विशेष दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है?" गडकरी ने कहा था कि कांग्रेस डरपोक लोगों की पार्टी है, जो आतंकवाद से नहीं लड़ सकती।
गडकरी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां कहा, "अश्लीलता, अशोभनीयता और मूर्खता पर प्रतिक्रिया देकर उसे महिमामंडित नहीं करना चाहिए। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भाजपा अध्यक्ष का दिमाग पूरी तरह खराब हो गया है। भाजपा को चाहिए कि वह अपने अध्यक्ष को किसी मनोरोग चिकित्सा केंद्र में भर्ती करा दे।"
कांग्रेस की इस टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, "प्रमुख विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष के बारे में कांग्रेस प्रवक्ता की टिप्पणी बिल्कुल गैर जिम्मेदार, राजनीतिक शिष्टाचार रहित और असभ्य है।"
प्रसाद और भाजपा ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है।
प्रसाद ने कहा, "यह सर्वविदित सच्चाई है कि अफजल गुरु की दया याचिका को तत्कालीन गृह मंत्री शिवराज पाटील ने जानबूझ कर दबाए रखा था। क्या हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि अफजल गुरु की फाइल अभी भी गृह मंत्रालय में है?.. इसलिए मैं मानता हूं कि हमारे अध्यक्ष राष्ट्र की भावना को जाहिर कर रहे थे। सरकार की कार्रवाई से राष्ट्र पीड़ित हुआ है और हमारे अध्यक्ष इसी पीड़ा को जाहिर कर रहे थे।"
जद (यू) के अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक, शरद यादव ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गडकरी ने क्या कहा था, लेकिन किसी को सभ्य भाषा में ही कुछ कहना चाहिए।
यादव ने कहा, "जब सच को संयम और सभ्य भाषा में व्यक्त किया जाता है तो वह और खूबसूरत लगता है।"
ज्ञात हो कि 13 दिसंबर, 2001 को संसद पर हुए हमले में भूमिका के लिए अफजल गुरु को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन अभी तक उसे फांसी पर लटकाया नहीं जा सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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