भारत को 2 परियोजनाओं के लिए ऋण देगा विश्व बैंक
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। देश में लघु-ऋण संस्थानों को बढ़ावा देने और सटीक सांख्यिकीय सूचना तंत्र विकसित करने के लिए शुक्रवार को भारत ने विश्व बैंक के साथ 40.7 करोड़ डॉलर के दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
विश्व बैंक ने देश में लघु ऋण प्रदान करने के लिए स्थाई और जवाबदेह संस्था स्थापित करने के लिए 30 करोड़ डॉलर के ऋण प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इन दोनों समझौतों पर भारत सरकार के अधिकारियों, भारतीय लघु उद्यम विकास बैंक (सिडबी) और विश्व बैंक के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।
लघु ऋण संस्थान स्थापित करने के लिए मिले इस कर्ज का उपयोग सिडबी द्वारा किया जाएगा।
विश्व बैंक के वरिष्ठ वित्तीय विशेषज्ञ और परियोजना प्रमुख नीरज वर्मा ने कहा, "लघु ऋण संस्थाओं को उनकी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना से उनमें पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।"
इसके अलावा 10.7 करोड़ डॉलर के एक अन्य ऋण प्रस्ताव के तहत देश में सांख्यिकीय आंकड़े एकत्र करने के आधुनिक एवं प्रभावी तंत्र का विकास किया जाएगा। देश में आर्थिक विकास को अनवरत बनाए रखने के लिए इस तंत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विश्व बैंक के एक अन्य वित्तीय विशेषज्ञ और परियोजना अधिकारी फराह जाहिर ने कहा, "सभी तरह के बदलावों की संपूर्ण जानकारी और आंकड़ों की उपलब्धता से प्रभावी नीतियों का निर्माण कर पाना संभव होता है और इससे प्रत्येक स्तर पर सही निर्णय लेने में आसानी होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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