दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत में जश्न, नेपाल नाराज

तिब्बती निर्वासित सरकार के प्रवक्ता ने बताया, "दलाई लामा के जन्मदिन के अवसर पर उनकी लंबी आयु की कामना के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।" गौरतलब है कि तिब्बत के पूर्वोत्तर में आम्दो प्रांत में एक छोटे से गांव में दलाई लामा का जन्म छह जुलाई 1935 को हुआ था। वर्ष 1989 में उन्हें तिब्बत के अहिंसात्मक संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।
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लेकिन जहां भारत में धर्म गुरू के जन्मदिन पर खुशियां मनाई जा रहीं हैं वहीं पड़ोसी देश नेपाल ने चीन की नाखुशी ध्यान में रखकर मंगलवार को तिब्बत के निर्वासित नेता दलाई लामा के जन्मदिन पर मठों में होने वाली बड़ी प्रार्थना सभाओं को रोक दिया और अपने सांसदों को इनसे दूर रहने को कहा। काठमांडू घाटी के स्वयंभूनाथ और बौद्धनाथ इलाकों में सैकड़ों दंगारोधी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इन इलाकों में कई प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर और मठ हैं तथा प्रवासी तिब्बति समुदाय की इस इलाके में प्रधानता है।
इनकी तैनाती का उद्देश्य स्थानीय निवासियों, साधुओं, भिक्षुणियों और स्कूलों को 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो के 75वें जन्मदिन पर किसी सार्वजनिक समारोह के आयोजन से रोकना था। चीन की नाराजगी के भय से नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 601 सदस्यीय संसद के सभी सदस्यों से जन्मदिन समारोह में शामिल होने के तिब्बती समुदाय के किसी भी निमंत्रण को स्वीकार नहीं करने को कहा है।












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