जर्मनी में छिपा है हिटलर का फरार साथी
सन अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी में रह रहा 88 साल का इविल क्लास फाबर किसी साधारण सेवानिवृत्त बुजुर्ग की तरह ही नजर आता है लेकिन इसका इतिहास खून से सना है। फाबर हिटलर की एस. एस. पार्टी और जर्मनी की गुप्त सेना गेस्टापो का सदस्य था।
फाबर को 1947 में युद्ध अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन बाद में इस सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया था।
फाबर उन सात नाजी अधिकारियों में से एक है जो 1952 में हॉलैंड की ब्रेडा जेल से भाग गए थे। इसके बाद ब्रिटेन और अन्य देशों द्वारा फाबर को सौंपने की मांग मानने से जर्मनी इंकार करता रहा है। फाबर को दुनिया के पांच मोस्ट वांटेड नाजी लोगों में शामिल किया गया है।
ऑडी में किसी अज्ञात ऑफिस में कई सालों तक काम करने के बाद फाबर अब सेवानिवृत्ति सेवाओं का उपभोग कर रहा है। उसके पड़ोसियों के मुताबिक फाबर की तीन संताने हैं और उसका व्यवहार काफी विनम्र और मित्रवत है।
नाजी के नरसंहारों का विवरण लिखने वाली डायरिइस्ट यहूदी किशोरी एनी फ्रेंक को जिस बेस्टरब्रोक कैंप में बंद किया गया था फाबर उसी कैंप में गेस्टापो सेना का अधिकारी था।
सिमोन वेसेन्थल सेन्टर के निदेशक इफ्रेम ज्यूरोफ ने कहा, "वह धरती पर जीवित सबसे दुष्ट लोगों में से एक है। उसका बचाव करना जर्मनी की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।"
उन्होंने कहा, "जो लोग मारे गए, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। अब समय आ गया है कि हिटलर के बनाए कानून की मदद से जर्मनी उसका बचाव करना छोड़े।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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