सरकार भोपाल त्रासदी के बारे में कुछ नहीं छिपा रही : मनमोहन
यह पूछे जाने पर कि क्या एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग की जाएगी, प्रधानमंत्री ने कहा, "हम अपने रुख पर कायम हैं। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि अमेरिकी सरकार प्रत्यर्पण पर और सकारात्मक रुख दिखाए।"
उन्होंने कहा, "लेकिन हमने उनसे अभी संपर्क नहीं किया है। मैंने राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ चर्चा में इस मुद्दे को नहीं उठाया।"
भोपाल की एक अदालत ने यूनियन कार्बाइड के पूर्व अध्यक्ष एंडरसन को इस मामले में घोषित अपराधी करार दिया है। अदालत ने सात अन्य को सात जून को वर्ष 1984 की दुर्घटना के लिए आपराधिक लापरवाही का दोषी ठहराया था। इस औद्योगिक दुर्घटना में हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग रोगी हो गए।
एंडरसन ने दिसंबर 2-3, 1984 की दुर्घटना के तुरंत बाद भारत का दौरा किया था और उसे सुरक्षित जाने दिया गया। इससे कई लोग उत्तेजित हैं।
सरकार ने इस पूरे मामले को देखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह का पुनर्गठन किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "सच्चाई क्या है? हम कुछ भी नहीं छिपा रहे। मेरे विचार से मंत्रियों के समूह ने रिकार्डो को देखा है। ऐसा फैसला किसने लिया, इस बारे में मंत्री समूह ने सभी तथ्यों को देखा और उसे कुछ नहीं हासिल हुआ।"
उन्होंने कहा कि वे रिकार्ड अब उपलब्ध नहीं हैं।
यह आखिरी सवाल था जिसका जवाब जी-20 शिखर सम्मेलन से वापस लौटते समय प्रधानमंत्री ने दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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