बाबाजी के निधन पर फैशन व फिल्म जगत शोकाकुल
विवेका (37) को बांद्रा स्थित उसके फ्लैट से शुक्रवार की शाम छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया था। कहा जा रहा है कि दो महीने पूर्व विवेका का अपने पुरुष मित्र से अलगाव हो गया था और तभी से वह दुखी और अवसाद में थी। शायद इसी कारण उसने अपने जीवन का अंत करने का निर्णय लिया।
इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुंबई के फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी ने विवेका को एक मजबूत व्यक्तित्व वाला बताया।
रत्नानी ने कहा, "मैं नहीं समझता कि वह कोई हार मानने वाली व्यक्ति थीं। वह कभी भी अवसादग्रस्त नहीं दिखीं। यह सिर्फ मीडिया है, जो कह रही है कि वह अवसाद में थी और इसीलिए उन्होंने आत्महत्या कर लिया।"
रत्नानी ने कहा, "वह जो भी करती थी, उसमें मजा लेती थी। चाहे वह माडलिंग हो, नृत्यनिर्देशन हो या कोई आयोजन। वह बहुत ही पेशेवर थी और मुझे उनके साथ काम करने में मजा आता था। मैं अभी कुछ महीने पहले उनसे मिला था और मुझे याद है कि वह पूरी तरह स्वस्थ थीं।"
बाबाजी के साथ कामसूत्र के प्रसिद्ध विज्ञापन की फोटोग्राफी करने वाले, फोटोग्राफर अतुल कासबेकर ने कहा कि इस बात पर विश्वास नहीं हो पा रहा है कि वह अब नहीं रहीं।
कासबेकर ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस को बताया, "मैं कामसूत्र कैंपेन के दौरान उनके साथ काम किया था और वह बहुत खुश, रोमांचक और सहज व्यक्तित्व वाली लगी थीं। वह हमेशा मुस्कराती रहती थी। यद्यपि उनके साथ काम किए मुझे लंबा समय हो चुका है, लेकिन उनके आत्महत्या की खबर चकित करने वाली है। मैंने कभी नहीं कल्पना की थी कि वह इस तरह का भयानक कदम उठाएंगी।"
दिया मिर्जा ने ट्विटर पर लिखा है, "विवेका अच्छे लोगों में से एक थीं। दयालु, मददगार, रोमांचक और दोस्ताना। मैं अभी भी उनकी मुस्कराहट देख सकती हूं। विवेका की आत्मा को शांति मिले।"
फिल्म अभिनेता विवेक ओबरॉय ने लिखा है, "विवेका बाबाजी..वाकई में दुख है कि उसने अपना जीवन समाप्त कर दिया। ईश्वर उसकी आत्मा को शांति दें और उसके परिवार को इस असामयिक त्रासदी से उबरने का साहस दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications