सफल खेल प्रशासक भी थे दिग्विजय
पांच बार सांसद (तीन बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा) रह चुके दिग्विजय का गुरुवार को लंदन के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे। उनका निधन मस्तिष्काघात के कारण हुआ। वह अटल बिहारी वाजपेयी और चंद्रशेखर की सरकारों में मंत्री के तौर पर काम कर चुके थे।
दिग्विजय सिंह भारतीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष के साथ-साथ भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष भी थे। दिग्विजय 1999 से ही एनआरएआई के अध्यक्ष थे और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस खेल को देश में काफी लोकप्रियता दिलाई।
दिग्विजय के ही कार्यकाल में भारत ने निशानेबाजी में पहला ओलंपिक स्वर्ण और रजत पदक जीता था। वर्ष 2004 में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत जीता था जबकि 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इतिहास कायम कर दिया था।
बिहार जैसे पिछड़े राज्य में खेलों के विकास के लिए भी दिग्विजय ने काफी काम किया। उन्होंने अपने प्रयासों से अपने गृहनगर गिद्धौर (जमुई जिला) में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का 'एक स्पेशल एरिया गेम्स सेंटर' खुलवाने में सफलता हासिल की थी, जो आज सफलतापूर्वक स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा पहुंचा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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