ब्रिटेन में नई सरकार का पहला बजट

ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ओसबोर्न ने नई गठबंधन सरकार का पहला बजट पेश किया है जिसमें मूल्य संवर्धित कर यानी वैट 17.5% से बढ़ाकर 20% करने का प्रस्ताव किया गया है.
साथ ही इस बजट में कुछ अन्य कर बढ़ाने और सरकारी ख़र्चों में कटौती करने की भी पेशकश की गई है. ख़र्चों में कटौती पिछली लगभग एक पीढ़ी में पहली बार की जा रही है.
जॉर्ज ओसबोर्न ने ये बजट हाउस ऑफ़ कॉमन्स में पेश करते हुए कहा कि ये बजट मुश्किल लेकिन न्यायसंगत है और इसे टालना मौजूदा हालात में असंभव था. हालाँकि उन्होंने सांसदों के सामने कहा कि शराब, तंबाकू और ईंधन पर अब और कोई कर नहीं लगाया जाएगा.
बच्चे पालने वाले परिवारों को मिलने वाले चाइल्ड बेनेफिट को तीन वर्ष तक नहीं बढ़ाया जाएगा और कम आय वाले परिवारों को मिलने वाले लाभों में भी कटौती की जाएगी.
इसके अलावा उन सरकारी कर्मचारियों के वेतन में दो वर्ष तक कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी जिनका वेतन 21 हज़ार पाउंड से ज़्यादा है. लेकिन जिन कर्मचारियों का वेतन 21 हज़ार पाउंड से कम है उन्हें दो वर्ष तक 250 पाउंड की बढ़ोत्तरी दी जाएगी.
जॉर्ज ओसबोर्न ने कहा कि सरकार कम आय वाले परिवारों को निवास के लिए जो सुविधाएँ यानी हाउसिंग बेनेफिट देती है, उसमें सुधार करके हर परिवार को सप्ताह में 400 पाउंड से ज़्यादा नहीं मिलेंगे और इस मद से इस संसद का कार्यकाल समाप्त होने तक सरकार को एक अरब 80 करोड़ पाउंड प्रतिवर्ष की दर से बचत होगी.
इनके अलावा कामकाज नहीं करने वाले लोगों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं में भी कुछ कमी का प्रस्ताव किया गया है और जो अभिभावक बच्चे की देखभाल की वजह से कामकाज नहीं कर पाते थे उन्हें अब बच्चे का स्कूल शुरू होने पर कामकाज करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा.बैंकों पर भी जनवरी 2011 से एक नया कर शुरू किया जाएगा और ओसबोर्न ने कहा कि इस मद से हर वर्ष लगभग दो अरब पाउंड इकट्ठा होने की उम्मीद है.
जॉर्ज ओसबोर्न ने कहा कि स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्रालय के अलावा बाक़ी सभी सरकारी विभागों को चार वर्ष के दौरान 25 प्रतिशत की बचत करनी होगी. इस बारे में विस्तृत जानकारी सरकार 20 अक्तूबर को जारी करेगी.
ब्रिटेन की महारानी की सेवा में लगे सरकारी कर्मचारियों पर होने वाला ख़र्च भी 79 लाख पाउंड प्रतिवर्ष ही रहेगा और उसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी. साथ ही भविष्य में इस मद की जाँच-पड़ताल राष्ट्रीय लेखा विभाग को करने का अधिकार होगा.
वित्त मंत्री जॉर्ज ओसबोर्न ने बजट पेश करते हुए कहा कि मार्च में पूर्ववर्ती लेबर सरकार के वित्त मंत्री एलेस्टर डार्लिंग ने बजट पेश करते हुए ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में जिस तेज़ी से सुधार आने का अनुमान व्यक्त किया था, ये सुधार उससे कहीं धीमी गति से होने वाला है. ये अनुमान नए बनाए गए बजट उत्तरदायित्व विभाग से जारी आँकड़ों में व्यक्त किया गया है.
इन नए आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2011 में ब्रिटेन की विकास दर 2.6% रहने का अनुमान है, ना कि 3.25% जैसाकि पूर्व बजट में व्यक्त किया गया था.
जॉर्ज ओसबोर्न ब्रिटेन की पिछली लगभग एक शताब्दी में बजट पेश करने वाले सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री हैं. उन्होंने अगले पाँच वर्ष के दौरान वित्तीय घाटा पूरा करने का भरोसा दिलाया है और ये पूर्व लेबर सरकार के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से होगा.
'कड़ा लेकिन न्यायसंगत'
इस बजट में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है जिसमें लेबर सरकार के उन नीतियों को रोका जा रहा है जो आर्थिक मंदी से उबरने के लिए वित्तीय राहतें देने के लिए बनाई गई थीं.
लेबर पार्टी की दलील है कि सरकार ने मूल्य संवर्धित कर यानी वैट बढ़ाने का जो फ़ैसला किया है उससे ग़रीब आदमी पर सबसे ज़्यादा बोझ पड़ेगा और उनमें पेंशनधारी, बेरोज़गार और वे लोग शामिल होंगे जिनकी आमदनी इतनी नहीं है कि आयकर अदा कर सकें.
लेकिन ओसबोर्न से उम्मीद की जा रही है कि वो आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर कम आय वाले लोगों को सहायता पहुँचाने की कोशिश करेंगे. अगर ये होता है तो लगभग आठ लाख, 80 हज़ार लोग आयकर के दायरे से बच जाएंगे और लाखों अन्य लोगों को भी आयकर में 200 पाउंड प्रतिघंटा की राहत मिलेगी.
इससे सरकार को होने वाले घाटे की भरपाई करने के लिए सरकार को लगभग साढ़े तीन अरब पाउंड जुटाने होंगे जोकि उच्च आयकर अदा करने वालों से वसूलने की योजना है और लेबर सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में ये फ़ैसला ग़ैरज़िम्मेदारी वाला होगा.
कंज़रवेटिव पार्टी के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए लिबरल डेमोक्रेट पार्टी की यह एक मुख्य माँग थी कि दस हज़ार पाउंड से कम की आय वाले लोगों को आयकर से बाहर रखा जाए.
लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता और उप प्रधानमत्री निक क्लैग ने एक दिन पहले ही अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी गठबंधन सरकार की आर्थिक नीतियों से पूरी तरह सहमत है.
उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने अपनी नीतियों को कंज़रवेटिव पार्टी के हाथों गिरवीं रख दिया है. निक क्लैग ने कहा कि इस बजट पर लिबरल डैमोक्रेट पार्टी की नीतियों की भी स्पष्ट छाप होगी.












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