40 बरस के हुए कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी
वह अमेठी से दूसरी बार सांसद चयनित हुए हैं जिसके कारण पार्टी उनको संभावित पीएम के तौर पर प्रोजेक्ट कर रही है। पिछले लोक सभा चुनाव में कांग्रेस की जीत ने पार्टी के इस प्रयोग को और भी मजबूत कर दिया है। राजीव-सोनिया के इस लाल को देश ने भी अपनी औलाद लगभग मान लिया है।
पिछले कुछ सालों में राजनीति की तस्वीर थोड़ी बदल गई है। आज लोग किसी उम्रदराज को नहीं बल्कि एक युवा के हाथ में देश की कमान को सौंपना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि देश आज प्रगति चाहता है, जिसके लिए नई उर्जा जरूरत है, जो लोगों को राहुल में नजर आती है। जरा गौर फरमाइये अगर आप के सामने किसी युवा राजनेताओं का जिक्र होता है तो आपके जेहन में सबसे पहले किसकी तस्वीर उभरती है जाहिर है राहुल गांधी की।
ये एक ऐसा नाम है जिसने पिछले कुछ सालों में भारतीय राजनीति को बहुत नजदीक से समझा और जाना है और इस राजनेता की तरफ देश के करोड़ो लोग बड़ी उम्मीदों से देख रहे हैं, और ऐसा हो भी क्यों ना, आखिर राहुल की राजनीति का अंदाज ही जुदा है। वह आम जनता के सुख दु:ख जानने के लिए सीधे जनता से मिलने पहुंच जाता है। कभी वह महाराष्ट्र की कलावती से मिलने पहुंच जाते है, कभी उप्र के आम दलित बस्तियों में पहुंच न केवल खाना खातें है बल्कि उनके जीवन की मुश्किलों को समझने के लिए उनके साथ समय भी बिताते हैं।
राहुल का अदाजे बयां उनके पिता राजीव गांधी के कलाम से काफी कुछ मिलता जुलता है, राहुल गांधी अपने पिता राजीव गांधी की तरह ही सोचते हैं, वो भी राजीव की ही तरह प्रगतिशील है और नई ऊर्जा और तकनीकि सोच में भरोसा करते हैं। राजीव ने हमें आईटी और विज्ञान के बारे में एक नई सोच दी थी तो राहुल भी अपनी युवा ब्रिगेड के साथ देश की तस्वीर बदलने की बातें करते हैं। राहुल के भाषण में देश के गड़े मु्द्दे नहीं बल्कि नये सिंद्धांत और नये प्रोजेक्ट होते हैं।
राहुल रफ्ता-रफ्ता ही भारतीय राजनीति की तस्वीर बदलने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल युवा मानस को समझते हैं और युवाओं के लिए बेहतर भारत बनाने के लिए क्या किया जा सकता है उस पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। राहुल जानते हैं कि देश की जरूरत रोटी, कपड़ा और मकान की है, न कि मंदिर-मसजिद। क्योंकि ये मौलिक चीजें हर वर्ग-जाति और धर्म के लोगों की जरूरत है।इसलिए राहुल का मिशन देश की युवा ब्रिगेड को एक संयमित, विचारशील, धन उगाही और विकासशील जीवन देना है। जो कितना कारगर और कामयाब होता है ये तो आने वाला वक्त बतायेगा। फिलहाल राहुल का ये 40 वां जन्म दिन उन्हें बहुत मुबारक हो।
उम्मीद की जा सकती है राहुल गांधी आने वाले वक्त में युवाओं के लिए एक प्रगतिशील नेता की मुक्कमल तस्वीर साबित हो।













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