मिर्चपुर घटना की जांच के लिए आयोग गठित
चण्डीगढ़, 19 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के हिसार जिले के मिर्चपुर गांव में अप्रैल में दलितों के मकानों पर आगजनी के दौरान एक बुर्जग और उनकी शारीरिक रूप से पुत्री के मारे जाने की घटना की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है।
हरियाणा सरकार की ओर से शुक्रवार देर रात जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति इकबाल सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर तीन महीनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
गत 21 अप्रैल को मिर्चपुर गांव के दलितों पर ऊंची जाति के लोगों ने हमला कर दिया था। आगजनी के बाद करीब 150 दलित परिवारों को गांव से खदेड़ दिया गया था।
इस आगजनी में 70 वर्षीय एक व्यक्ति और उनकी निशक्त पुत्री की जलकर मौत हो गई थी क्योंकि वह धू-धूकर जलते हुए अपने मकान से निकल नहीं सके थे। इस आगजनी में कम से कम 18 मकान नष्ट हो गए थे।
सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "आयोग उन हालात की समीक्षा करेगी जो आगजनी में पिता-पुत्री की मौत और कई अन्य के घायल होने का सबब बने। आयोग इस बात की जांच करेगा कि जान-माल के नुकसान और हिंसा के लिए कौन लोग उत्तरदायी हैं।"
प्रवक्ता ने कहा, "आयोग बाल्मीकी समुदाय के मकानों और घरेलू सामान को पहुंचे नुकसान का आकलन करेगा। आयोग से पीड़ित परिवारों के मुआवजे सहित सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और अन्य सुधारात्मक सुझाव देने को कहा गया है।"
इस महीने के आरंभ में सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार को मिर्चपुर गांव के जातीय हिंसा से पीड़ित लोगों सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था।
न्यायालय ने सरकार से आगजनी में नष्ट हुए मकानों का दो महीने के अंदर पुनर्निर्माण करने को कहा है। न्यायालय ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना या राज्य सरकार की ऐसी ही किसी अन्य योजना के तहत रोजगार देने को भी कहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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