ऑनर किलिंग के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस : हाईकोर्ट
वह बोले कि लड़की और लड़की के प्रेम संबंधों के मामले में लड़की के पैरंट्स के साथ मिलकर पुलिस रेप का केस बनाती है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।पैरंट्स के साथ मिलकर लड़के को रेप के मामले में जेल भेजा जाता है और पैरंट्स को इस बात की छूट देते हो कि वह अपनी लड़की को मार डालें। देखा जाए तो पुलिस ऐसे मामलों में ऑनर किलिंग का हिस्सा है। अदालत ने कहा कि पुलिस इतनी संवेदनहीन कैसे हो सकती है।
आपको बता दें जिस मुकदमे की सुनवाई अदालत में चल रही थी वो दर असल एक लड़की का अपने प्रेमी के साथ घर से भागने का था जिसे पुलिस ने कुछ इस तरह बयान किया। पुलिस ने उत्तम नगर में रहने वाली लड़की के पैरेंट्स की शिकायत पर उसके प्रेमी के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जेल भेज दिया है जबकि लड़की गर्भवती है, बालिग है और लड़के से शादी करना चाहती है।
जस्टिस ढींगरा ने अपने ऑर्डर में पुलिस की छानबीन के तरीके पर सवाल उठाया और कहा कि पुलिस ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से मामले की छानबीन की है। लड़की गर्भवती है। बावजूद इसके, पुलिस ने उसकी उम्र संबंधी कोई जांच नहीं की। अदालत ने निर्देश दिया कि जेल में बंद आरोपी को 18 जून को कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही जांच अधिकारी को कहा गया कि वह लड़की को 18 जून को अदालत के सामने पेश करें। जबकि लड़की ने बताया कि वह गर्भवती है और डेढ़ महीने का बच्चा भी है।
लेकिन पैरंट्स को नहीं बताया क्योंकि उसे डर था कि वे उसे मार डालेंगे। डीएलएसए की वकील ने कहा कि लड़की 18/19 साल की लगती है और लड़के (आरोपी) से प्यार करती थी और शादी करना चाहती है शादी नहीं होने की स्थिति में वह आत्महत्या की बात कह रही है। साथ ही वह अपने बच्चे को पैदा करना चाहती है। साथ ही उसके होने वाले बच्चे और खुद को पैरेंट्स से जान से खतरा होने की बात कहती है।
जस्टिस ढींगरा ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कारगुजारियों पर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आपके बॉस का कुत्ता गायब होने पर आप पूरे शहर को छान मारते हैं लेकिन आम लोगों को प्रोटेक्शन नहीं दे सकते।













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