इलेक्ट्रिक कार पर्यावरण बचाने में सक्षम नहीं : विशेषज्ञ
लंदन, 18 जून (आईएएनएस)। यह उम्मीद महज कल्पना साबित हुई है कि बैटरी से चलने वाली कारे से कार्बन उत्सर्जन को कम कर धरती की जलवायु को बचाने में सहायक साबित होती हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक बैटरी से चलने वाली कारों में जिस प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाता है वह काफी पुरानी हैं और वह दो वर्षो में समाप्त हो जाएंगी। यह तथाकथित ऊर्जा दक्ष कारें और महंगी हो जाएंगी। इतना ही नहीं एक बार चार्ज की गई बैटरी से वह निर्माताओं द्वारा किए गए दावों से कम दूरी तय करती है।
'इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्न ॉलोजी' द्वारा कराये गए शोध में कहा गया है कि बैटरी चालित कारों के प्रदर्शन के बारे में किए गए दावे महज कल्पना है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बैटरी की क्षमता दो वर्ष के भीतर समाप्त हो जाने की संभावना रहती है। ऐसे में उन्हें बदलने पर दोबारा खर्च करना पड़ता है।
स्थानीय अखबार 'डेली मेल' के मुताबिक बैटरी चालित कारों में मोबाइल फोन जैसी ही लीथियम-आयन प्रौद्योगिकी अपनाई जाती है। इस तकनीक के आधार पर एक बार बैटरी चार्ज होने पर वह 160 किलोमीटर से अधिक दूरी नहीं तय कर सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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