खाद्य महंगाई में और वृद्धि संभव : अहलूवालिया
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन के एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान अहलूवालिया ने कहा, "यह संभव है कि अगले गुरुवार को आने वाले आंकड़ों में खाद्य महंगाई दर में आप कुछ और बढ़ोतरी देखें लेकिन इसमें चिंता की कोई बात नहीं है, आप देखेंगे कि कुछ सप्ताह बाद महंगाई दर कम हो जाएगी।"
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी खाद्य महंगाई दर की स्थिति पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं, हालांकि उन्होंने कहा, "अच्छे मानसून और अच्छी फसल की उम्मीद के चलते जुलाई के मध्य तक कीमतें कम होने लगेंगी।"
उनका बयान अप्रैल महीने के थोक मूल्य सूचकांक के दहाई में पहुंच चुके महंगाई दर के आंकड़ों के बाद आया है। इससे पहले अप्रैल में यह महंगाई दर 9.59 प्रतिशत रही थी। महंगाई दर में यह बढ़ोतरी खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते हुई है।
वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों के मुताबिक महंगाई दर में लगातार बढ़ोतरी और व्यापक क्षेत्रों में महंगाई बढ़ने से केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जुलाई में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में या उससे पहले ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा, "मुझे लगता है कि स्थिति एकदम स्पष्ट है, महंगाई का दबाव काफी ज्यादा है। रिजर्व बैंक की ओर से कुछ नीतिगत कदम उठाए जा सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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