राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की पहली बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की पहली बैठक गुरुवार को हो रही है.
राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का गठन एक जून को किया गया था और इससे उम्मीद की जा रही है कि वो सरकार को विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों जैसे खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास पर सलाह देगी.
हालांकि इसका कोई एजेंडा नहीं है लेकिन इसमें खाद्य सुरक्षा विधेयक, आदिवासियों के अधिकार विधेयक और माओवाद से प्रभावित इलाकों में विकास जैसी योजनाओं पर चर्चा हो सकती है.
बैठक के बाद दोपहर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी समेत सभी एनएसी सदस्यों को अपने निवास पर आमंत्रित किया है.
वरिष्ठ पत्रकार हरतोष का कहना था कि ये राजनीतिक रूप से संतुलन साधने का प्रयास है क्योंकि कांग्रेस पार्टी मनमोहन सिंह के विचारों से बहुत अधिक जुड़ गई थी. इसलिए कुछ ऐसे लोगों को इसमें जोड़ा गया है जो अलग विचार रखते हैं.
विवाद
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष का पद सोनिया गांधी ने दूसरी बार ग्रहण किया है.
पहली बार यूपीए सरकार बनने पर वर्ष 2004 में इसका अध्यक्ष पर सोनिया गांधी ने संभाला था, पर लाभ का पद संभालने का आरोप लगने पर उन्होंने मार्च, 2006 में इससे इस्तीफ़ा दे दिया था.
उस समय सोनिया गांधी ने न केवल राष्ट्रीय सलाहकार परिषद बल्कि लोक सभा की सदस्यता से इस्तीफ़े की घोषणा कर भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया था.
हालांकि वर्ष 2006 में सोनिया गांधी रायबरेली से फिर से लोक सभा के लिए चुन लीं गई थीं.
इसके बाद यूपीए सरकार ने ऐसा विधेयक पेश किया था जिसमें 56 पदों को लाभ के पद से बाहर रखा गया था जिसमें एनएसी अध्यक्ष पद भी शामिल था.
विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद में ये विधेयक मई, 2006 में पारित हो गया था.
राष्ट्रीय सलाहकार परिषद यूपीए सरकार के घोषणापत्र और न्यूनतम साझा कार्यक्रम के क्रियान्वयन और समीक्षा पर सलाह देती है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल में कुछ राजनीतिक दलों की इस आशंकाओं को खारिज किया था कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली ये परिषद ‘सुपर कैबिनेट’ होगी.












Click it and Unblock the Notifications