सड़क दुर्घटना वाले मामलों से पल्ला न झाड़ें निजी अस्पताल
राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशक अनिरुद्ध कार ने कहा, "हम बुधवार को मुख्य निजी अस्पतालों के अधिकारियों को बात कर चुके हैं। उनसे कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हो जाता है और उसे घायलावस्था में अस्पताल लाया जाता है तो अस्पताल उन मरीजों का प्राथमिक उपचार करेंगे। क्योंकि निजी अस्पतालों पर भी लोगों का जीवन बचाने की जिम्मेदारी है।"
स्वास्थ्य निदेशक और निजी अस्पतालों के अधिकारियों के बीच यह बैठक उस घटना के बाद हुई है जिसमें शहर के प्रमुख पीयरलेस अस्पताल में दो महीने पहले गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ की थी।
उग्र भीड़ ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया था।
इस बैठक में निजी अस्पताल के अधिकारियों के अलावे कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमआरआई), कोठारी अस्पताल, बी. पी. पोद्दार अस्पताल, एएमआरआई अस्पतालों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 12 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों और उपकरणों से लैस एंबुलेंस को तैनात करने का फैसला किया है।
घायल लोगों को अस्पताल में दाखिल किए जाने से पहले एंबुलेंस में तैनात प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications