अजय माकन ने जनगणना की गतिविधियों का जायजा लिया
अपने पर्यवेक्षण और मूल्यांकन के आधार पर माकन ने जनता से अपील की कि जनगणना के समय दी गई पर्ची को संभालकर रखें। माकन ने कहा कि उसे संभालकर रखना इसलिए जरूरी होगा, क्योंकि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) की प्रक्रिया के दौरान इसकी जरूरत होगी, जिसमें उंगली के निशान, पुतली के निशान और व्यक्तिगत तस्वीर के माध्यम से जैव-मापी पहचान प्राप्त करना शामिल है।
इस बात का पता चला था कि लोगों को इस पर्ची के बारे में और इसके खोने की स्थिति में जटिल प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। मंत्री ने जनगणना अधिकारियों और गणनाकारों से कहा कि वे लोगों को आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी, आवास सूचीकरण और आवास गणना की मौजूदा स्थिति तथा प्रगति का विवरण देते हुए माकन ने बताया कि असम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मेघालय, गोवा, दिल्ली (आंशिक), हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, लक्षद्वीप, उड़ीसा, केरल, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, कर्नाटक, गुजरात, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में आंकड़ा संग्रह करने का काम पूरा कर लिया गया है। आंध्र प्रदेश और त्रिपुरा में यह काम लगभग पूरा होने वाला है।
माकन ने बताया कि दिल्ली, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में इस काम में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, नागालैंड, पुडुचेरी और मणिपुर में पहली जून को सफलतापूर्वक इसकी शुरुआत की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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